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प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद 36,230 करोड़ रुपए के गंगा एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वे हरदोई के लिए रवाना होंगे

प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद 36,230 करोड़ रुपए के गंगा एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वे हरदोई के लिए रवाना होंगे। हरदोई में वे 36,230 करोड़ रुपए की लागत से बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह करीब 8.30 बजे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, वे हरदोई की यात्रा करेंगे और सुबह करीब 11.30 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला, एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग 36,230 करोड़ रुपए की कुल लागत से बनाया गया है।

यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इस तरह यह उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ता है।

बयान में कहा गया है कि इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में लगने वाले 10-12 घंटों के बजाय अब यात्रा में लगभग 6 घंटे लगेंगे, जिससे आवागमन में आसानी होगी और परिवहन की दक्षता बढ़ेगी।

इस परियोजना की एक मुख्य विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी 'आपातकालीन लैंडिंग सुविधा' (हवाई पट्टी) है। गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े आर्थिक गलियारे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके रास्ते में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स गलियारों का विकास किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करेगा, सप्लाई चेन की क्षमता को बेहतर बनाएगा और मैन्युफैक्चरिंग की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे और ग्रामीण आय मजबूत होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे राज्य में एक्सप्रेसवे के एक बड़े नेटवर्क की रीढ़ के तौर पर भी काम करेगा। इसके साथ कई लिंक गलियारे या तो चालू हो चुके हैं या उनकी योजना बनाई जा रही है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार शामिल हैं।


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