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ओपी राजभर दबाव में बोलते हैं, उनके बयान निराधार: फखरुल हसन चांद

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के उस बयान पर पलटवार किया है

ओपी राजभर दबाव में बोलते हैं, उनके बयान निराधार: फखरुल हसन चांद
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बुधवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी जल्द ही टूट जाएगी। सपा प्रवक्ता ने राजभर के दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी ऐसे बयानों को गंभीरता से नहीं लेती।

फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास ऐसी जानकारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ओम प्रकाश राजभर दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजभर के पुत्र अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी और उस दौरान सुभासपा के समाजवादी पार्टी में विलय का अनुरोध किया था।

सपा प्रवक्ता ने बताया कि सपा प्रमुख से बातचीत के दौरान अरुण राजभर ने कहा था कि उनके पिता पर भाजपा का अत्यधिक दबाव है। अरुण राजभर ने बताया था कि ओम प्रकाश राजभर को भाजपा की ओर से संदेश आते हैं और उन्हें वही बातें सार्वजनिक रूप से बोलनी पड़ती हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें वही पोस्ट करना पड़ता है, जो भाजपा चाहती है। वह लगातार तनाव में रहते हैं और अखिलेश यादव से मिलने के लिए भी व्याकुल हैं, लेकिन भाजपा के दबाव के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अरुण राजभर ने पिछड़े वर्गों की राजनीति को बचाने की बात करते हुए सुभासपा के समाजवादी पार्टी में विलय की गुहार लगाई थी। फखरुल हसन चांद ने दावा किया कि इस पूरी बातचीत के बाद से समाजवादी पार्टी ओम प्रकाश राजभर के बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर भाजपा से मिले संदेशों को आगे बढ़ाने और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित करने का काम कर रहे हैं।

फखरुल हसन चांद ने आगे कहा कि जब उनके अपने पुत्र ने यह कहा था कि उनकी बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, तब से समाजवादी पार्टी भी उनके किसी भी बयान को विशेष महत्व नहीं देती है। इसलिए समाजवादी पार्टी के टूटने संबंधी उनका दावा पूरी तरह राजनीतिक बयानबाजी है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।


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