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मायावती की ब्राह्मण समाज से अपील: "2007 की तरह बसपा सरकार में मिलेगा पूरा मान-सम्मान"

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी में सर्वसमाज की भागीदारी और संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए ब्राह्मण समाज से पार्टी से मजबूती के साथ जुड़े रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों एवं सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के बजाय संविधान की मूल भावना के अनुरूप सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए काम करना है।

मायावती की ब्राह्मण समाज से अपील: 2007 की तरह बसपा सरकार में मिलेगा पूरा मान-सम्मान
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी में सर्वसमाज की भागीदारी और संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए ब्राह्मण समाज से पार्टी से मजबूती के साथ जुड़े रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों एवं सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के बजाय संविधान की मूल भावना के अनुरूप सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए काम करना है।

मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जैसाकि सर्वविदित है कि बसपा 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीतियों एवं सिद्धांत पर चलने वाली विशिष्ट पहचान वाली पार्टी है, जो किसी भी समाज के व्यक्ति विशेष से ज्यादा, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के पवित्र संविधान की सच्ची मंशा के मुताबिक, सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिए समर्पित है और इसीलिए पार्टी में नेताओं की नहीं, बल्कि पूरे तन, मन, धन से समर्पित अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं की ही फौज हर स्तर पर अधिकतर सक्रिय है। यही कांशीराम जी द्वारा पार्टी व मूवमेंट के हित में स्थापित परम्परा भी है।"

उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले गए अथवा निजी स्वार्थ के कारण दूसरी पार्टियों में गए लोगों का पार्टी के प्रति समर्पण सवालों के घेरे में रहा है। इसलिए ब्राह्मण समाज व अन्य सभी समाज के जो भी लोग अभी तक पार्टी से निकाले गए हैं या निकाले जा रहे हैं या वे अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पार्टियों में चले गए हैं या फिर वे अपने ग़लत कारनामों की वजह से उनसे बचने के लिए खासकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गए हैं, तो उनका पार्टी के प्रति समर्पण भाव लोगों की निगाह में भी उनके कार्यों के ऑकलन के आधार पर काफी सशंकित व निराशाजनक बना रहा है।

बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने पार्टी की सरकार के दौरान भी अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "खासकर बसपा सरकार के दौरान भी ऐसे लोगों ने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ के लिए ही पार्टी से फायदा ज्यादा उठाया है, और अपने समाज व पार्टी के हित के लिए वे लोग अधिकतर निष्क्रिय व उदासीन ही बने रहे हैं। ऐसे लोगों के कारण पार्टी को चुनावों में नुकसान भी उठाना पड़ा।"

मायावती ने आगे कहा, ''इन्हीं सब कारणों से उन लोगों ने अपने समाज को भी सही से बसपा में नहीं जोड़ा है, जो कि पार्टी की अपेक्षा के विरुद्ध इनका यह सब कृत्य होने की वजह से पिछले कई लोकसभा व विधानसभा आम चुनावों में पार्टी को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। पार्टी में लंबे समय से ईमानदार, समर्पित और निष्ठावान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा नए कर्मठ लोगों और विशेषकर युवाओं को तैयार करने का अभियान लगातार जारी है। पार्टी में लंबे अरसे से ईमानदार व हर मामले में पार्टी के प्रति लगातार समर्पित एवं निष्ठावान चले आ रहे पार्टी के वरिष्ठ लोगों द्वारा आए दिन नए कर्मठ व ईमानदार लोगों व खासकर युवाओं को पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जाता रहा है, जो यह अभियान पूरी तरह से जारी है।”

उन्होंने कहा कि नए और पुराने कार्यकर्ताओं से पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। मायावती के मुताबिक, ''अब वे लोग काफी हद तक पार्टी की अपेक्षा के अनुसार जी-जान से लगातार लगे हुए हैं। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि ये सभी नए व पुराने लोग हर मामले में ज्यादा बेहतर, साफ-सुथरे व मिशनरी मानसिकता के बनकर उभरेंगे और वे सच्चे अम्बेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष के भरपूर तौर पर काम आएंगे।''

बसपा प्रमुख ने ब्राह्मण समाज से पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहने की अपील करते हुए 2007 की तरह उचित राजनीतिक भागीदारी और सम्मान देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, "पार्टी खासकर ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती है कि वे अपनी पूरी मजबूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें और उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने तथा सरकार बनने पर सन 2007 की तरह ही इनको व अन्य सभी समाज को भी पूरा-पूरा उचित मान-सम्मान जरूर दिया जाता रहेगा।''

मायावती ने कहा कि सर्वसमाज आधारित बसपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में दलित समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और सर्वसमाज आधारित ऐसी अपनी बसपा पार्टी को जमीनी स्तर पर तैयार करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को ही अपनी अहम भूमिका निभानी है। उन्होंने सर्वसमाज की भागीदारी को पार्टी की ताकत बताते हुए कहा, “वैसे बसपा की नर्सरी, सर्वसमाज के हसीन गुलदस्तों से ही, अधिकतर हरी-भरी व सजी रहती है।




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