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मथुरा में शिक्षिका ने बच्ची को वाशिंग मशीन में खड़ा कर पीटा, पुलिस भी बनी बेरहम

बच्ची की मां सीमा के अनुसार, उनकी बेटी कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। उनका आरोप है कि 15 जुलाई को ट्यूशन के दौरान शिक्षिका ने बच्ची को पीटा। परिवार का यह भी दावा है कि बच्ची ने उन्हें बताया कि उसके साथ वाशिंग मशीन में खड़ा कर मारपीट की गई।

मथुरा में शिक्षिका ने बच्ची को वाशिंग मशीन में खड़ा कर पीटा, पुलिस भी बनी बेरहम
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मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक चार वर्षीय बच्ची के साथ ट्यूशन के दौरान कथित मारपीट का मामला सामने आया है। बच्ची के परिवार का आरोप है कि ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका ने उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया। परिवार के अनुसार, बच्ची के घर लौटने पर उसके चेहरे और कान पर चोट के निशान दिखाई दिए। पूछने पर उसने बताया कि ट्यूशन के दौरान उसे पीटा गया और उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। बाद में राज्य महिला आयोग ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब कर ली।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

बच्ची की मां सीमा के अनुसार, उनकी बेटी कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। उनका आरोप है कि 15 जुलाई को ट्यूशन के दौरान शिक्षिका ने बच्ची को पीटा। परिवार का यह भी दावा है कि बच्ची ने उन्हें बताया कि उसके साथ वाशिंग मशीन में खड़ा कर मारपीट की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि शिक्षिका की सास भी इस दौरान मौजूद थीं और उन्होंने भी बच्ची के साथ मारपीट की। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

शिकायत के बाद धमकी देने का आरोप

परिवार का कहना है कि अगले दिन जब वे शिकायत लेकर शिक्षिका के घर पहुंचे तो उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। इसके बाद उन्होंने हाईवे थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने पड़े और अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की गुहार लगाई।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

परिवार के अनुसार, जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप के बाद 18 जुलाई को पुलिस ने मामले में एनसीआर (नॉन-कॉग्निज़ेबल रिपोर्ट) दर्ज की। बच्ची के पिता दीपक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका मूल शिकायत-पत्र स्वीकार नहीं किया और उनसे दूसरा प्रार्थना-पत्र लिखवाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि नए प्रार्थना-पत्र में उनके कुछ प्रमुख आरोपों का उल्लेख नहीं किया गया।

राज्य महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से पूरे मामले की जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग का उद्देश्य यह जानना है कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की, जांच किस स्तर पर पहुंची और बच्ची की सुरक्षा तथा न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

पुलिस का पक्ष

मामले पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रवीण तिवारी ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार एनसीआर दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि मामला न्यायालय को भेजा जा चुका है और आगे की कार्रवाई मजिस्ट्रेट के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। महिला आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में तत्काल जानकारी नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की प्रक्रिया कानून के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

यह मामला अब जांच के दायरे में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है। एक ओर परिवार ने ट्यूशन शिक्षिका और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि उसने नियमानुसार कार्रवाई की है। राज्य महिला आयोग की रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अपराध पाया जाता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।


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