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राम मंदिर मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को गवाह बनाए जाने पर दिनेंद्र दास बोले-सरकार का फैसला मानेंगे

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर के रीति-रिवाज और दान का काम ठीक से चल रहा है और राम मंदिर ट्रस्ट के पुराने अधिकारियों को गवाह बनाए जाने के मामले में ट्रस्ट सरकार का फैसला मानेगा।

राम मंदिर मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को गवाह बनाए जाने पर दिनेंद्र दास बोले-सरकार का फैसला मानेंगे
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अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर के रीति-रिवाज और दान का काम ठीक से चल रहा है और राम मंदिर ट्रस्ट के पुराने अधिकारियों को गवाह बनाए जाने के मामले में ट्रस्ट सरकार का फैसला मानेगा।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए दिनेंद्र दास ने कहा, "अयोध्या के संत और महंत संतुष्ट हैं। श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने आते हैं और खुद दान करते हैं।" चंपत राय, अनिल मिश्रा को सरकारी गवाह बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रामलला भगवान थे लेकिन समाज की ओर से कुछ कमी के बारे में बताया गया तो उनको मानना पड़ा और वनवास में जाना पड़ा। समाज ने सवाल उठाया तो सरकार को मानना पड़ा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को सरकारी गवाह बनाए जाने पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला बहुत गंभीर है। चंपत राय और अनिल मिश्रा इस जगह की देखरेख कर रहे थे। जांच समिति ने उन्हें बेकसूर पाया। जब यह मामला गंभीर हो गया और पूरे देश में इस पर चर्चा हुई, तो यह एक संवेदनशील मुद्दा बन गया। जो लोग बेदाग रहे, उन पर दूसरों ने गलत आरोप लगाए थे लेकिन उन्हें न्याय मिला है।"

चंपत राय और अनिल मिश्रा सरकारी गवाह बनाए जाने के सवाल पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा, "राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर जांच एजेंसियां काम नहीं करती। न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत तथ्यों के आधार पर जांच एजेंसियां काम करती हैं। जो भी तथ्य सामने आए हैं, सभी चार्जशीट में हैं। यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, इस पर सियासत कैसे की जा सकती है। जिन लोगों की ओर से ऐसा घिनौना काम किया गया है, उनमें से किसी को माफ नहीं करना है। इसको लेकर पूरा देश एकमत है।



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