शिवा शर्मा हत्याकांड: नेपाल के पोखरा में मिली श्रद्धा दुबे की लोकेशन, तीन आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
फरार श्रद्धा दुबे ने हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए हैं। इनमें उसने घटना को आत्महत्या बताते हुए अपनी बात रखी। पुलिस के संज्ञान में आए वीडियो में शिवा के बाथरूम जाने को लेकर भी अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

लखनऊ: रेस्तरां संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में फरार आरोपितों की तलाश तेज हो गई है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। शुक्रवार को न्यायालय से तीनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कराया गया। पुलिस को श्रद्धा की लोकेशन नेपाल के पोखरा में मिलने की जानकारी मिली है, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए नेपाल प्रशासन के संपर्क में रहते हुए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। साथ ही श्रद्धा के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपितों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर कुर्की की कार्रवाई की तैयारी में है। मामले में श्रद्धा की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस उसके बयानों और घटनाक्रम के बीच विरोधाभासों की जांच कर रही है।
पोखरा में तलाश तेज, नेपाल प्रशासन से संपर्क
पुलिस को सूचना मिली है कि श्रद्धा दुबे नेपाल के पोखरा में हो सकती है। इसके बाद नेपाल में उसकी तलाश के लिए पुलिस टीमों की सक्रियता बढ़ाई गई है। पुलिस के अनुसार, श्रद्धा समेत अन्य आरोपितों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जांच में नेपाल पहुंचने के संभावित रास्तों और आरोपितों की आवाजाही से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं। इससे पहले लखनऊ क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीम महराजगंज जिले के सोनौली क्षेत्र के भगवानपुर गांव पहुंची थी। वहां दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, ताकि श्रद्धा और उसके साथियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
सीसीटीवी से नेपाल जाने का सुराग
पुलिस जांच के मुताबिक, नौ अक्टूबर की रात करीब नौ बजे श्रद्धा, उसकी बहन और चालक दानिश केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर कार में मौजूद थे। इसी दौरान चिकित्सकों ने शिवा शर्मा की मौत की पुष्टि की। इसके बाद तीनों के मौके से चले जाने की बात सामने आई है। जांच में सामने आया कि कार चौक, पक्के पुल और सीतापुर होते हुए बहराइच पहुंची। दस अक्टूबर की सुबह करीब 6:20 बजे वाहन रुपईडीहा में कस्टम कार्यालय के पास पार्क किया गया था। बाद में स्कॉर्पियो वहीं पार्किंग में मिली। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में आरोपितों के पैदल सीमा पार कर नेपाल जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस इस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि कर रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर श्रद्धा ने दी अलग-अलग दलीलें
फरार श्रद्धा दुबे ने हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए हैं। इनमें उसने घटना को आत्महत्या बताते हुए अपनी बात रखी। पुलिस के संज्ञान में आए वीडियो में शिवा के बाथरूम जाने को लेकर भी अलग-अलग बयान सामने आए हैं। एक वीडियो में श्रद्धा ने कहा कि शिवा बाथरूम गए तो उसने दरवाजा बंद देखा, जबकि दूसरे में उसने कहा कि उसकी बहन ने शिवा को बाथरूम जाते देखा था। पुलिस इन बयानों के विरोधाभासों की जांच कर रही है। वीडियो सामने आने के बाद शिवा की मां ने कहा कि वह पुलिस को आवश्यक साक्ष्य दे चुकी हैं और अब आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों को करनी है।
चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा की मौत
शिवा शर्मा की नौ अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उनकी मां की शिकायत पर श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे, चालक तनवीर, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की जांच में पाया कि श्रद्धा और शिवा जनवरी से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा को नेपाल पहुंचने में उसके दो दोस्तों ने मदद की थी। जांच टीम ने इन दोस्तों की पहचान की है और उनमें से एक से पूछताछ भी की गई है। हालांकि, आरोपितों की भूमिका और घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुलिस को गिरफ्तारी से खुलासे की उम्मीद
लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक, आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और पुलिस उसी आधार पर कार्रवाई कर रही है। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपितों को गिरफ्तार करना और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस की कोशिश है कि नेपाल में स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आरोपितों तक पहुंचा जाए।


