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लखनऊ में विधायक ने मंदिर में भेदभाव का लगाया आरोप, बोलीं- मंदिर प्रशासन ने उचित व्यवहार नहीं किया

कार्यक्रम के बाद विधायक जय देवी कौशल ने पूजा की व्यवस्था और अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें खड़ा रखा गया और उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसकी अपेक्षा एक जनप्रतिनिधि के तौर पर की जाती है।

लखनऊ में विधायक ने मंदिर में भेदभाव का लगाया आरोप, बोलीं- मंदिर प्रशासन ने उचित व्यवहार नहीं किया
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लखनऊ: काकोरी कस्बे स्थित शीतला मंदिर में बुधवार को शिलान्यास और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कथित जातिगत भेदभाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मलिहाबाद की विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किए जाने का आरोप लगाया। विधायक के बेटे विकास किशोर की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला और गरमा गया। इसके बाद आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंदिर पहुंचकर विरोध जताया, जिसके चलते पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

76 लाख रुपये से होगा मंदिर का जीर्णोद्धार

शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पर्यटन विभाग ने 76 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। बताया गया कि विधायक जय देवी कौशल के प्रयासों से यह स्वीकृति मिली है। इसी परियोजना के तहत बुधवार को मंदिर परिसर में शिलान्यास और भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित साहू, जिला कार्यालय मंत्री, मंडल अध्यक्ष विपिन राजपूत, सभासद प्रतिनिधि लवकुश यादव, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता और पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

पूजा के दौरान भेदभाव का आरोप

कार्यक्रम के बाद विधायक जय देवी कौशल ने पूजा की व्यवस्था और अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें खड़ा रखा गया और उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसकी अपेक्षा एक जनप्रतिनिधि के तौर पर की जाती है। विधायक के बेटे विकास किशोर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पोस्ट में पूजा की व्यवस्था को लेकर भी आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि पूजा की प्रक्रिया पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी करा रहे थे, जबकि मंत्रों का उच्चारण मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता कर रहे थे। विधायक के बेटे की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में आ गया। आरोपों के बाद स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी।

आजाद समाज पार्टी ने जताया विरोध

विवाद बढ़ने के बाद आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय भारती अपने कार्यकर्ताओं के साथ शीतला मंदिर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति की जानकारी मिलने पर काकोरी इंस्पेक्टर सतीश राठौर पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया। अधिकारियों की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हुई।

मंदिर प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता ने विधायक और उनके बेटे की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि मंदिर में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया। मंदिर प्रबंधक ने कहा कि शीतला मंदिर सभी जाति और वर्ग के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने पूजा के दौरान किसी तरह के भेदभाव या जानबूझकर किसी का अपमान किए जाने की बात से इनकार किया।

आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा राजनीतिक तापमान

मंदिर के जीर्णोद्धार जैसे विकास कार्य के लिए आयोजित कार्यक्रम में सामने आए विवाद ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है। एक तरफ विधायक और उनके परिवार की ओर से पूजा के दौरान भेदभाव का आरोप लगाया गया है, वहीं मंदिर प्रशासन ने इसे पूरी तरह खारिज किया है। फिलहाल विवाद का केंद्र पूजा के दौरान हुए व्यवहार और धार्मिक अनुष्ठान की व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोप हैं। आजाद समाज पार्टी के विरोध के बाद पुलिस की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, मंदिर प्रशासन की ओर से आरोपों से इनकार किए जाने के बाद दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर सामने आया है।


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