Top
Begin typing your search above and press return to search.

9 लाख सरकारी नौकरियां, 3.25 करोड़ को रोजगार... विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां और 3.25 करोड़ युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिले, आधुनिक तकनीकों से कौशल विकास पर सरकार का जोर।

9 लाख सरकारी नौकरियां, 3.25 करोड़ को रोजगार... विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
X

लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए न पारदर्शी भर्ती व्यवस्था थी और न ही पर्याप्त रोजगार के अवसर थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवा और कारीगर रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सम्मानित किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, प्रशिक्षित युवाओं से संवाद किया और उनके उत्पादों की सराहना भी की।


'साझा भविष्य के लिए कौशल' थीम पर युवाओं को दिया संदेश -

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को ने इस वर्ष विश्व युवा कौशल दिवस की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक युवा आबादी वाला राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने का आह्वान किया।


एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स की मिलेगी ट्रेनिंग -

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, थ्री-डी प्रिंटिंग और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह सुविधा केवल लखनऊ, नोएडा या गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया और बहराइच जैसे जिलों तक भी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं को संबंधित देशों की भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।


एमएसएमई और ब्रह्मोस परियोजना का भी किया जिक्र -

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फिरोजाबाद के ग्लास उद्योग, मेरठ के खेल उद्योग, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी और बनारसी साड़ी जैसे पारंपरिक उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें वैश्विक पहचान दिलाने का काम किया गया है। उन्होंने लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में भी इसका काम नहीं रुका। इस परियोजना के माध्यम से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों से पढ़ाई पूरी कर चुके 500 युवाओं को रोजगार मिला है।


27 हजार रुपये कमाने वाली युवती का किया उल्लेख -

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में एक प्रशिक्षित युवती का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने कौशल के दम पर प्रतिमाह 27 हजार रुपये कमा रही है और अपनी मां का इलाज भी करा रही है। उन्होंने उसकी मां के उपचार में हरसंभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it