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कानपुर में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे पर केडीए का बुलडोजर, बाउंड्री वॉल समेत निर्माण ध्वस्त

कानपुर के ग्राम बरी में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने कार्रवाई करते हुए बाउंड्री वॉल समेत उसके भीतर बने निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

कानपुर में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे पर केडीए का बुलडोजर, बाउंड्री वॉल समेत निर्माण ध्वस्त
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कानपुर। कानपुर के ग्राम बरी में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने कार्रवाई करते हुए बाउंड्री वॉल समेत उसके भीतर बने निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के मुताबिक, ग्राम बरी की आराजी संख्या 314 में करीब 500 वर्गमीटर जमीन प्राधिकरण की स्वामित्व वाली सरकारी भूमि है, जिस पर कथित तौर पर कब्जा कर बाउंड्री वॉल और कमरों का निर्माण कराया गया था। कार्रवाई के बाद केडीए ने जमीन को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने का दावा किया है।

सुबह केडीए की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर से सबसे पहले मौके पर बनी बाउंड्री वॉल को गिराया गया। इसके बाद उसके भीतर किए गए निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ पीएसी और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी स्तर के अधिकारी की मौजूदगी भी रही।

केडीए के जोन-3 स्थित भूमि बैंक अनुभाग की ओर से इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 26(क)(4) के तहत नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जरिए संबंधित मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी के प्रबंधक से जमीन और उस पर किए गए निर्माण को लेकर जवाब मांगा गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया था कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कथित अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।

केडीए के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया। केडीए के ओएसडी शत शुक्ला ने बताया कि संबंधित कब्रिस्तान का एक बड़ा हिस्सा सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले कानून के तहत उचित प्रक्रिया का पालन किया गया और संबंधित लोगों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया।

शत शुक्ला ने बताया कि संबंधित पक्ष की ओर से हाई कोर्ट में रिट याचिका भी दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जब संबंधित लोगों ने सरकारी जमीन पर बने निर्माण को खुद नहीं हटाया, तो प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। उनके अनुसार, कार्रवाई में कब्रिस्तान के केवल उसी हिस्से को हटाया गया है, जिसे केडीए सरकारी जमीन पर कब्जा मानता है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य प्राधिकरण की स्वामित्व वाली सरकारी जमीन को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराना था। कार्रवाई पूरी होने के बाद मौके से बाउंड्री वॉल और कब्जे से जुड़े निर्माण को हटा दिया गया है। फिलहाल प्राधिकरण ने करीब 500 वर्गमीटर जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराने का दावा किया है।



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