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गांवों में उद्योग, युवाओं को रोजगार- योगी सरकार की योजना ने पकड़ी रफ्तार

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण औद्योगिकीकरण सबसे ऊपर है

गांवों में उद्योग, युवाओं को रोजगार- योगी सरकार की योजना ने पकड़ी रफ्तार
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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से 2,500 से अधिक युवाओं को मिला काम

  • 94 नई इकाइयों की स्थापना, करोड़ों का निवेश बना ग्रामीण विकास की ताकत
  • ब्याज सब्सिडी और बैंक ऋण से उद्यमियों को मिल रही नई ऊर्जा
  • महिला उद्यमिता और हस्तशिल्पकारों को सशक्त बना रही योगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण औद्योगिकीकरण सबसे ऊपर है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय गति से आगे बढ़ रही है।

इस वित्तीय वर्ष में अब तक योजना के अंतर्गत 94 इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिसके तहत 648.63 लाख रुपए का पूंजी निवेश संभव हुआ है। इसके माध्यम से 2,586 युवाओं को रोजगार दिलाने में सफलता मिली है। ये आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष में योजना ने मजबूत प्रगति दर्ज की है और शेष अवधि में लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

इस योजना ने गांवों में उद्योग स्थापित कराकर स्थानीय युवाओं को उनके ही घर के पास रोजगार उपलब्ध कराने का रास्ता खोला है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित एवं तकनीकी योग्य बेरोजगार युवक-युवतियों को 10 लाख रुपए तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

योगी सरकार ने उद्यमियों के लिए ब्याज सब्सिडी की बड़ी सुविधा दी है, जिसमें सामान्य वर्ग के उद्यमियों के लिए 4 प्रतिशत से ऊपर का ब्याज सरकार देती है, जबकि आरक्षित वर्ग के उद्यमियों का पूरा ब्याज सरकार वहन करती है।

योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष एवं महिला उद्यमी पात्र हैं। चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से की जाती है। सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होता है।

सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक युवाओं को इस योजना से जोड़कर स्व-रोजगार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

योगी सरकार ग्रामीण विकास को सिर्फ सड़क और बिजली तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि ग्रामीण उद्योगों का नेटवर्क विकसित कर रही है। पारंपरिक कारीगरों व हस्तशिल्पकारों को सशक्त बना रही है।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है और साथ ही, स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार सृजन हो रहा है। सरकार का मानना है कि 'गांव मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा।' इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना को बड़े पैमाने पर विस्तार दिया जा रहा है।


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