मेरठ में भीषण हादसा – घर में आग लगने से 5 बच्चों और 1 महिला की मौत
उत्तर प्रदेश के मेरठ में बड़ा हादसा हो गया। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद गली नंबर-3 स्थित कपड़ों के व्यापारी इकबाल के मकान में अचानक भीषण आग लगने से 5 बच्चों और 1 महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई

घर में लगी आग ने ली मासूमों की जान, इलाके में मातम
- लिसाड़ी गेट में कपड़ा व्यापारी का मकान बना मौत का जाल
- शॉर्ट सर्किट से लगी आग? जांच में जुटे अधिकारी
- फायर ब्रिगेड ने निकाले शव, परिवार ने मदद लेने से किया इनकार
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में बड़ा हादसा हो गया। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद गली नंबर-3 स्थित कपड़ों के व्यापारी इकबाल के मकान में अचानक भीषण आग लगने से 5 बच्चों और 1 महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसपी और डीएम मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के बाद शवों को बाहर निकाला गया। हादसे के वक्त घर के पुरुष नमाज पढ़ने मस्जिद गए थे।
मोहम्मद फारुख ने बताया, "वह नमाज पढ़ने गए थे, तभी पड़ोसी से घर में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि परिवार को अस्पताल लाया गया है। यहां पहुंचकर पता चला कि मेरी बेटी की मौत हो गई है। इसके अलावा भाई की पत्नी रुखसार, भतीजा अकदस और दो जुड़वा बेटियों अनामिका-इनाया की मौत हो गई।"
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया, “सोमवार शाम करीब 8:49 बजे लिसाड़ी गेट इलाके में हमें हाजी इकबाल के घर में आग लगने की सूचना मिली। तीन मिनट के भीतर ही 112 नंबर की आपातकालीन गाड़ी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद अन्य अधिकारी और दमकलकर्मी भी आ गए। घर में फंसे सात लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने 1 महिला और 5 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक घायल महिला का इलाज चल रहा है। अभी तक शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका है। बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड द्वारा जांच की जा रही है। ”
जिला मजिस्ट्रेट वीके सिंह ने बताया, "किदवई नगर, लिसाड़ी गेट स्थित एक आवासीय मकान में आग लग गई और इसकी सूचना हमें रात करीब 9 बजे मिली। आग लगने के कारण की जांच विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग दोनों ने की है। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि आग किसी विद्युत उपकरण के कारण लगी होगी और संभवतः घर में रखे कपड़ों तक फैल गई होगी। विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।"
सपा विधायक रफीक अंसारी कहते हैं, "हमने परिवार की मदद करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने किसी भी प्रकार की सहायता लेने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उन्हें मदद की जरूरत नहीं है और वे सब कुछ खुद ही संभालना चाहते हैं।"


