एसएससी परीक्षा में हाईटेक नकल का भंडाफोड़
ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है

50 लाख लेकर पेपर सॉल्व कराने वाले 7 गिरफ्तार
- प्रॉक्सी सर्वर से चल रहा था नकल रैकेट
- परीक्षा केंद्र संचालक निकला मास्टरमाइंड
- एसटीएफ ने बरामद किए 50 लाख, लैपटॉप और मोबाइल
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी चयन आयोग की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट ने नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 50 लाख रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल, राउटर और अभ्यर्थियों की सूची बरामद हुई है।
एसटीएफ ने प्रदीप चौहान, मुजफ्फरनगर, अरुण कुमार, मथुरा, संदीप भाटी बुलंदशहर, निशांत राघव बुलंदशहर, अमित राणा बागपत, शाकिर मलिक बागपत, विवेक कुमार बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी ,एसएससी द्वारा आयोजित सीएपीएफ और एसएसएफ कांस्टेबल और असम राइफल्स में राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल करा रहे थे। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर प्रॉक्सी सर्वर के जरिए स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन से बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करा रहे थे।
सेंटर संचालक निकला मास्टरमाइंड
एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान ने बताया- वह बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र संचालित करता है। उसने मेरठ कॉलेज से एमकॉम किया है और लंबे समय से ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली करा रहा था। उसकी मुलाकात बागपत निवासी अमित राणा से हुई थी, जिसने परीक्षा केंद्र के सर्वर को बायपास कर बाहर से पेपर सॉल्व कराने की तकनीक विकसित की। आरोपी अरुण कुमार परीक्षा केंद्र पर आईटी हेड के तौर पर काम करता था और वही प्रॉक्सी सर्वर लगाने का काम संभालता था। बताया गया कि वह करीब ढाई साल पहले इसी सेंटर पर इनविजिलेटर बनकर आया था और बाद में गिरोह से जुड़ गया।
4 लाख में होता था ‘पेपर सेट’
एसटीएफ जांच में सामने आया कि गिरोह एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए 4 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें 50 हजार रुपए अभ्यर्थी लाने वाले एजेंट को दिए जाते थे, जबकि बाकी रकम प्रदीप चौहान, अमित राणा और सॉल्वर के बीच बांटी जाती थी। संदीप भाटी नामक आरोपी का काम ऐसे अभ्यर्थियों को तलाशना था, जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। वह विभिन्न कंपनियों में लैब सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुका है।
दो अभ्यर्थी भी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में दो अभ्यर्थियों शाकिर मलिक और विवेक कुमार को भी गिरफ्तार किया है। दोनों परीक्षा देने पहुंचे थे और गिरोह के जरिए पेपर हल कराने की तैयारी में थे।
ये सामान हुआ बरामद
एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र से 50 लाख रुपए नकद, 10 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 1 राउटर, अभ्यर्थियों की सूची, 2 एडमिट कार्ड, Eduquity कंपनी के 4 एंट्री/आईडी कार्ड बरामद हुए है। एसटीएफ ने बताया- आरोपियों के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में बीएनएस, आईटी एक्ट और भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।


