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छह घंटे तक ‘फर्जी पुलिस’ के कब्जे में रहा जीएसटी सलाहकार, 29 लाख लेकर छोड़ा

शिकायत मिलने के बाद से ही मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर पांच टीमों को लगाया गया है। पीड़ित द्वारा बताए गए सभी स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। प्रथम दृष्टया पीड़ित आरोपितों के साथ स्वेच्छा से गया था। जल्द ही आरोपितों की पहचान कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।

छह घंटे तक ‘फर्जी पुलिस’ के कब्जे में रहा जीएसटी सलाहकार, 29 लाख लेकर छोड़ा
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वर्दी का रौब दिखाया, एक्सप्रेसवे पर घुमाया और परिवार से मंगवाई रकम

  • पहले 50 लाख मांगे, फिर 30 लाख पर अड़े; 29 लाख मिलने पर छोड़ा

ग्रेटर नोएडा। पुलिस की वर्दी, कंधे पर दो स्टार और शिकायत का हवाला देकर जीएसटी सलाहकार को बदमाशों ने ऐसा डराया कि वह करीब छह घंटे तक उनके कब्जे में रहा। आरोप है कि बदमाश उसे उसकी ही कार में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर घुमाते रहे। कभी लखनऊ ले जाने तो कभी एनकाउंटर की धमकी दी गई। परिवार से पहले 50 लाख और फिर 30 लाख रुपये मांगे गए।

आखिरकार 29 लाख रुपये मिलने के बाद उसे सेक्टर-96 के अंडरपास के पास छोड़ दिया गया। बिसरख पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच टीमें जांच में लगाई हैं। एगिन रायल सोसायटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी संदीप कुमार जीएसटी सलाहकार हैं।

घटना 20 जुलाई की बताई गई है। संदीप के अनुसार, वह सुबह करीब 11 बजे अपने कुत्ते को लेकर ग्रैंड विटारा से घर से निकले थे। एस्पायर की ओर जाते समय अचानक एक कार उनके सामने आकर रुकी। उसमें से तीन व्यक्ति बाहर निकले। एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और कंधे पर दो स्टार लगे थे। वर्दी पहने व्यक्ति ने संदीप से कहा कि उनके खिलाफ शिकायत मिली है और पूछताछ के लिए कोतवाली चलना होगा। पुलिसकर्मी समझकर संदीप ने विरोध नहीं किया। आरोप है कि इसके बाद वर्दीधारी ने उनकी कार खुद चला ली और दूसरा व्यक्ति पीछे बैठ गया।

भागने की कोशिश की तो कपड़े फाड़े

आरोप है कि बदमाशों ने कुत्ते को किसी परिचित के पास पहुंचाने की बात कही और टेकजोन-4 के पास एस्पायर सोसायटी के सामने कार रोक दी। इसी दौरान संदीप ने वहां से निकलने की कोशिश की। बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान उनकी टी-शर्ट फट गई। इसके बाद उन्हें दोबारा कार में बैठाया गया और आगे ले जाया गया। बदमाश संदीप को गौर सिटी सेक्टर-32 मेट्रो स्टेशन के रास्ते ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और फिर यमुना एक्सप्रेसवे पर ले गए। इसी दौरान उनका कुत्ता भी एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया। संदीप के मुताबिक, दोपहर 1:18 बजे उनकी कार जेवर टोल प्लाजा से निकली।

रास्ते में बढ़ाया मानसिक दबाव

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक ढाबे के पास कार रोकी गई। वहां एक व्यक्ति को बदमाश ‘दीवान’ कहकर बुला रहे थे। खाने-पीने का सामान लेने के बाद आरोपितों ने संदीप पर परिवार से संपर्क कर रुपये मंगाने का दबाव बनाया। पहले 50 लाख रुपये मांगे गए। रकम की व्यवस्था नहीं होने पर मांग घटाकर 30 लाख कर दी गई। संदीप का आरोप है कि बदमाश लगातार उन्हें डराते रहे और लखनऊ ले जाने तथा एनकाउंटर करने की धमकी देते रहे। आखिरकार उन्होंने अपने बड़े भाई को फोन कर रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा।

लोकेशन भेजकर भाई को बुलाया

वापसी के दौरान भी बदमाशों ने संदीप को रास्ते भर धमकाया। दोपहर करीब 3:38 बजे कार जेवर टोल प्लाजा से दोबारा गुजरी। नालेज पार्क के पास मैकडोनल्ड से बर्गर भी खरीदा गया। इसी दौरान संदीप ने अपने मोबाइल से बड़े भाई को लोकेशन भेज दी और रुपये लेकर पहुंचने के लिए कहा। संदीप के भाई ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर कुलदीप नाम के व्यक्ति को 29 लाख रुपये दिए।

रकम मिलने के बाद बदमाशों ने संदीप को छोड़ने का फैसला किया। रास्ते में एक बदमाश कुत्ते को वापस कार में लेकर आया। इसके बाद संदीप को उनकी कार सहित सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के पास अंडरपास में छोड़ दिया गया। घर पहुंचने के बाद संदीप की पत्नी ने 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।

पीड़ित ने पुलिसकर्मियों को पूरी घटना बताई। संदीप का आरोप है कि शुरुआत में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय नोएडा के पुलिस उपायुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। बिसरख पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए पांच टीमें गठित की हैं।

टोल प्लाजा, एक्सप्रेसवे, सोसायटी और पीड़ित द्वारा बताए गए अन्य स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस बदमाशों के वाहन, उनके मोबाइल नंबर और पीड़ित द्वारा बताए गए घटनाक्रम के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।


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