ग्रेटर नोएडा: परिवार के पांच लोगों की मौत मामले में नया मोड़, महेश की दो बहन और बहनोई गिरफ्तार
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग महेश और ललिता को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे थे। इसके अलावा, परिवार की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

ग्रेटर नोएडा: एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। मृतक महेश के मोबाइल फोन से एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने के बाद जांच की दिशा बदल गई है। बताया जा रहा है कि इस रिकॉर्डिंग में महेश ने परिवार की मौजूदा स्थिति के लिए कुछ करीबियों और परिचितों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, मृतका ललिता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने महेश की दो बहनों सुनीता और सपना तथा एक ननदोई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने मृतक महेश की बड़ी बहन, बहनोई और छोटी बहन को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50), उसकी पत्नी सुनीता (45), दोनों निवासी शालीमार गांव, दिल्ली और सपना (32), निवासी खेड़ा कला, दिल्ली शामिल हैं। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। मामले में साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दूसरी ओर, पोस्टमार्टम के बाद पांचों शवों का देर रात अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग की जांच कर रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, महेश के मोबाइल फोन से बरामद कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्डिंग कब तैयार की गई थी और उसमें कही गई बातों का मौजूदा घटनाक्रम से क्या संबंध है। इसके लिए ऑडियो के टाइमस्टैम्प और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। रिकॉर्डिंग में लगाए गए कथित आरोपों के आधार पर पुलिस पारिवारिक विवाद के पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि, केवल इस ऑडियो के आधार पर मौतों की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सुनीता, सपना और ननदोई के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में मृतका ललिता के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ललिता के भाई आकाश की लिखित शिकायत के आधार पर रबूपुरा थाना पुलिस ने महेश की दोनों बहनों सुनीता और सपना तथा एक ननदोई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग महेश और ललिता को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे थे। इसके अलावा, परिवार की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित प्रताड़ना को परिवार की इस दुखद स्थिति से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम में उनकी कथित संलिप्तता का निर्धारण जांच के निष्कर्षों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
जमीन के मुआवजे और संपत्ति विवाद की भी पड़ताल
जांच के दौरान परिवार में लंबे समय से चल रहे कथित संपत्ति विवाद का पहलू भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जमीन अधिग्रहण के बदले परिवार को मुआवजे की राशि मिली थी। बताया जा रहा है कि इस रकम के बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि मुआवजे के बंटवारे या संपत्ति से जुड़े किसी विवाद का मौजूदा घटना से संबंध था या नहीं। जांच में परिवार के पुराने घटनाक्रम की भी समीक्षा की जा रही है। बताया गया है कि वर्ष 2019 में महेश के बड़े भाई राहुल की भी मौत हुई थी। शुरुआती जानकारी में उस घटना को पारिवारिक कलह से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस पुराने मामले के तथ्यों और वर्तमान जांच के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इस पहलू पर भी आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
विसरा सुरक्षित, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पांचों मृतकों का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित रखकर रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव नगला पदम सिंह गांव पहुंचे, जहां शोक का माहौल छा गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात पांचों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार के अनुसार, मामले में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से जुड़ी प्रक्रिया जारी है। मोबाइल से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग की वैज्ञानिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्यों का विश्लेषण किए जाने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।


