Top
Begin typing your search above and press return to search.

ग्रेटर नोएडा में जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2.54 लाख रुपए के नकली नोट बरामद

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-1 थाने की पुलिस और ग्रेटर नोएडा जोन की एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाली नोटों की छपाई और तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 100-100 रुपए के कुल 2549 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 2,54,900 रुपए है।

ग्रेटर नोएडा में जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2.54 लाख रुपए के नकली नोट बरामद
X

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-1 थाने की पुलिस और ग्रेटर नोएडा जोन की एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाली नोटों की छपाई और तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 100-100 रुपए के कुल 2549 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 2,54,900 रुपए है।

इसके अलावा पुलिस ने नकली नोटों की छपाई में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर, नोटों की कटिंग करने वाली मशीन, एक स्कॉर्पियो कार और चार मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपराधियों की धरपकड़ और सुनियोजित गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था और पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा के निर्देशन में अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा तथा सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय के नेतृत्व में थाना ईकोटेक-1 पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।

पुलिस के मुताबिक 5 अक्टूबर की रात करीब 10:47 बजे सिरसा गोल चक्कर पर चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो को रोककर उसमें सवार तीन युवकों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान उनके कब्जे से 100-100 रुपए के 2549 जाली नोट बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए सभी नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर प्रिंट किया गया था। पुलिस ने मौके से बंटी अत्री (23), खुशदील (21) और उपेंद्र कुमार (25) को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी अलीगढ़ जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

आरोपियों के पास से बरामद स्कॉर्पियो का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का बताया गया है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी असली नोट को स्कैन करने के बाद प्रिंटर की मदद से उसी तरह के नोटों की छपाई करते थे। इसके बाद नकली नोटों को मशीन की सहायता से काटकर अलग-अलग किया जाता था। आरोपियों द्वारा नकली नोटों की गड्डियां तैयार की जाती थीं। पुलिस के अनुसार गिरोह ने नकली नोटों को बाजार में असली नोट के रूप में चलाने के लिए एक खास तरीका अपनाया था। नकली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जिससे पूरी गड्डी पहली नजर में असली दिखाई दे।

इसके अलावा गड्डी के दोनों सिरों पर कैनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म को रबर बैंड की सहायता से लगाया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस तरीके से तैयार गड्डियों को असली नोटों के रूप में इस्तेमाल करने और बाजार में चलाने की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2549 जाली नोटों के अलावा एक प्रिंटर, नोटों की कटिंग करने वाली मशीन, एक स्कॉर्पियो कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल फोन के साथ आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और जाली नोटों को कहां-कहां खपाया जाना था। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना ईकोटेक-1 में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और जाली नोटों के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it