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मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स में जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला का भव्य आयोजन

कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से भविष्य-उन्मुख शिक्षा की ओर एक सार्थक पहल “भविष्य उनका है जो सबसे अधिक जानते हैं

मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स में जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला का भव्य आयोजन
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कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से भविष्य-उन्मुख शिक्षा की ओर एक सार्थक पहल “भविष्य उनका है जो सबसे अधिक जानते हैं, ऐसा नहीं, बल्कि उनका है जो सोचना, परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना और नवाचार करना जानते हैं।”

इन्हीं प्रेरणादायी विचारों को केंद्र में रखते हुए मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं शिक्षा विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए भविष्य की शिक्षा, तकनीकी नवाचार और विद्यार्थियों में आवश्यक कौशल विकसित करने के विषय पर सार्थक विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं पौध भेंट के साथ हुआ, जो ज्ञान के प्रकाश, विकास और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक रहा। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रचना शर्मा ने अपने प्रेरणादायी मुख्य संबोधन में शिक्षा में नवाचार, रचनात्मक चिंतन और तकनीकी दक्षता के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को श्री सुधांशु शेखर, जिला प्रशिक्षण समन्वयक एवं सिटी कोऑर्डिनेटर, CBSE; श्रीमती सपना आहूजा, सिटी कोऑर्डिनेटर, CBSE; तथा श्री गोपाल दीक्षित, डिप्टी सिटी कोऑर्डिनेटर के प्रेरक एवं मार्गदर्शक संबोधनों से नई दिशा मिली। उनके विचारों ने शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत केस स्टडीज़ रहीं, जिनमें कक्षा-कक्ष में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी एवं रचनात्मक प्रयोग को प्रदर्शित किया गया। इन प्रस्तुतियों ने यह दर्शाया कि आधुनिक तकनीक केवल शिक्षण को सरल बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं नवाचार जैसी भविष्य की आवश्यक क्षमताओं को विकसित करने का सशक्त साधन भी है।

वरिष्ठ प्रधानाचार्यों एवं विशेषज्ञों से गठित प्रशंसा समिति ने शिक्षकों के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में निरंतर नवाचार और तकनीकी साधनों के सार्थक उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में आयोजित सम्मान एवं अभिनंदन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर समीक्षा (सी. जे. डी. ए. वी. स्कूल), द्वितीय स्थान पर गुंजन शर्मा (मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स) तथा तृतीय स्थान पर पूजा गोयल (मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स) रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यशाला का समापन सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ, जिसने सहयोग, सहभागिता और साझा सीखने की भावना को स्मरणीय बना दिया।

यह जिला स्तरीय कार्यशाला शिक्षकों के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार को प्रोत्साहन और तकनीक-सक्षम शिक्षण की नई संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई। कार्यक्रम ने इस संकल्प को और मजबूत किया कि आज की शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को सोचने, सीखने, अनुकूलन करने और नवाचार करने में सक्षम बनाए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।


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