UP News: गोंडा में निषाद पार्टी नेता की हत्या से बवाल, मंत्री संजय निषाद धरने पर बैठे; दो पुलिस अधिकारी निलंबित
बताया गया कि विनोद बुधवार रात शाहपुर बाजार स्थित अपनी बर्तन की दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। दुकान से करीब 300 मीटर आगे कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया।

गोंडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गोंडा में निषाद पार्टी के जिला प्रचारक विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। शाहपुर बाजार से घर लौट रहे विनोद पर रास्ते में घात लगाए हमलावरों ने हमला किया था। गंभीर हालत में उन्हें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मत्स्य मंत्री डा. संजय निषाद KGMU पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
भाला और फरसा से किया गया हमला
बताया गया कि विनोद बुधवार रात शाहपुर बाजार स्थित अपनी बर्तन की दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। दुकान से करीब 300 मीटर आगे कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल विनोद को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिलाया गया। हालत गंभीर होने पर गुरुवार को उन्हें लखनऊ के KGMU भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद ने घटना से जुड़ी जानकारी पुलिस को दी थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश
पुलिस ने मामले में शुभम सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पांच से सात अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। परिजनों का कहना है कि विनोद सोशल मीडिया पर निषाद पार्टी से जुड़ी गतिविधियों और पार्टी की नीतियों से संबंधित पोस्ट करते थे। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से उन्हें पहले भी धमकियां मिलती रही थीं। परिजनों के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
KGMU में धरने पर बैठे संजय निषाद
विनोद की मौत की खबर मिलने के बाद मंत्री संजय निषाद KGMU पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस की कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। संजय निषाद ने परसपुर थानाध्यक्ष और शाहपुर चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति की कोई जाति नहीं होती और मामले में निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री ने आरोपियों की अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप भी मौजूद रहे।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो घेराव की चेतावनी
मंत्री संजय निषाद ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो शुक्रवार को गोंडा में एसपी आवास और कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की। निषाद पार्टी के गोंडा जिलाध्यक्ष राजकुमार निषाद ने बताया कि विनोद पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में आक्रोश है।
पुलिस की कार्रवाई, थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी निलंबित
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई की है। देर रात एसपी अभिषेक ने थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अब इस मामले में पुलिस जांच का फोकस हमले की वजह, सभी हमलावरों की पहचान और पहले दी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई पर रहेगा। वहीं, निषाद पार्टी ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन की चेतावनी दी है। ऐसे में यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।


