Kanwar Yatra: 12 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू, दिल्ली से भारी वाहनों की एंट्री बंद; नमो भारत के बढ़ेंगे 52 अतिरिक्त फेरे
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में अहम फैसले, रोजाना आने-जाने वालों को पहचान पत्र दिखाना होगा

गाजियाबाद: कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए गाजियाबाद में बुधवार सुबह 8 बजे से विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेकर ही घर से निकलें, ताकि अनावश्यक जाम और असुविधा से बचा जा सके।
अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में बनी रणनीति
कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय किया गया कि सभी जिलों के अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की लगातार निगरानी करेंगे। अधिकारियों ने यह भी निर्णय लिया कि प्रमुख डायवर्जन पॉइंट्स पर बड़े और स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों और कांवड़ियों को मार्ग बदलने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। भीड़ बढ़ने या विशेष परिस्थितियों में ट्रैफिक व्यवस्था में तत्काल बदलाव भी किया जा सकेगा।
दैनिक यात्रियों के लिए पहचान पत्र जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डायवर्जन अवधि के दौरान रोजाना नौकरी, ड्यूटी, व्यापार या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को डायवर्जन पॉइंट पर आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। पुलिस सत्यापन के बाद ही उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। अधिकारियों ने लोगों से यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने और सहयोग करने की अपील की है।
दिल्ली से आने वाले भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत तुलसी निकेतन बॉर्डर, सीमापुरी बॉर्डर और आनंद विहार बॉर्डर से गाजियाबाद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद, लखनऊ और अन्य शहरों की ओर जाने वाले भारी वाहनों को रोड नंबर-56 (चौधरी चरण सिंह मार्ग), गाजीपुर मंडी और एनएच-9 के जरिए डासना इंटरसेक्शन तक भेजा जाएगा। वहां से वाहन ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और सिंभावली के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। वैकल्पिक रूप से अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल इंटरसेक्शन का भी उपयोग किया जा सकेगा।
इन मार्गों पर भी रहेगा आवागमन प्रतिबंधित
हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से आने वाले भारी वाहन डासना पुल, लाल कुआं और आत्माराम स्टील तिराहा होते हुए सीधे गाजियाबाद शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें एनएच-9 के जरिए वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा। इसके अलावा लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बे की ओर भारी वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन रोड, मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हापुड़-भोजपुर मार्ग से मोदीनगर की दिशा तथा साहिबाबाद अंडरपास से जीटी रोड की ओर भी भारी वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी।
नमो भारत ट्रेनों के बढ़ेंगे अतिरिक्त फेरे
कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क यातायात पर बढ़ते दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। 30 जुलाई से दिल्ली और मेरठ के बीच 52 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि अब यात्रियों को हर 10 मिनट के बजाय प्रत्येक 8 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध होगी। यह विशेष व्यवस्था 14 अगस्त तक लागू रहेगी। यदि यात्रियों की संख्या अनुमान से अधिक बढ़ती है तो ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी में और वृद्धि करने पर भी विचार किया जाएगा।
यात्रियों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा के दौरान जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आम नागरिकों की आवाजाही भी यथासंभव सुचारु बनी रहे।


