ड्रोन, डिफेंस और स्किल पर फोकस, तकनीकी शिक्षा को पूरी तरह अपग्रेड करें: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बड़ा खाका खींचा है

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बड़ा खाका खींचा है। उन्होंने ड्रोन रिपेयरिंग, डिफेंस और सिंचाई तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने, रिक्त पदों को समयबद्ध भरने और संस्थानों को तकनीकी रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को जन भवन, लखनऊ में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में 16 तकनीकी संस्थानों के निदेशकों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें छात्र संख्या, शिक्षक-छात्र अनुपात, तकनीकी पाठ्यक्रम, नामांकन, प्रयोगशालाओं की स्थिति, खेलकूद गतिविधियां और रिक्त पदों का ब्योरा शामिल रहा।
राज्यपाल ने प्रस्तुतियों की समीक्षा करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत बनाने, शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित रखने तथा शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी शिक्षा को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि संस्थानों में समयानुकूल नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं और पुराने कोर्स में आवश्यक संशोधन किया जाए। ड्रोन रिपेयरिंग, सिंचाई तकनीक और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कोर्स शुरू करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाए।
राज्यपाल ने पुस्तकालयों को समृद्ध करने, शिक्षकों के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने और तकनीकी संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन को लेकर चिंता जताते हुए विशेष कोचिंग, परामर्श और लचीले कट-ऑफ जैसे उपाय अपनाने पर बल दिया। छात्रावास व्यवस्था में सुधार के लिए मेस संचालन में पारदर्शिता और छात्र सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, गोष्ठियों और सेमिनारों के माध्यम से विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने तथा केंद्र सरकार के विभागों के साथ संवाद स्थापित करने की भी बात कही गई।
राज्यपाल ने कहा कि आने वाले 25 वर्षों को ध्यान में रखते हुए संस्थानों को दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाना होगा। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, ड्रोन सेंटर स्थापित करने और सीएसआर फंड के उपयोग पर भी उन्होंने जोर दिया।
इस मौके पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि जिन संस्थानों में शिक्षक-छात्र अनुपात असंतुलित है, वहां इसे सुधारना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने उपलब्ध मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग और नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।


