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एसएससी-जीडी परीक्षा धांधली का हैकर ‘डेविल’ गिरफ्तार

एसएससी-जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए धांधली कराने वाले सॉल्वर गैंग के हैकर अरुण कुमार उर्फ ‘डेविल’ को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है

एसएससी-जीडी परीक्षा धांधली का हैकर ‘डेविल’ गिरफ्तार
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दिल्ली से एसटीएफ ने दबोचा, प्रॉक्सी सर्वर से बाहर बैठकर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर नियंत्रित करते थे

नोएडा। एसएससी-जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए धांधली कराने वाले सॉल्वर गैंग के हैकर अरुण कुमार उर्फ ‘डेविल’ को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उसे 22 सितंबर की शाम करीब 6 बजे दिल्ली के शाहबाद डेरी क्षेत्र से पकड़ा गया। एसटीएफ के मुताबिक, अरुण कुमार परीक्षा के सर्वर को हैक करने और उसमें बदलाव करने का काम करता था। उसके जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे सॉल्वर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को नियंत्रित कर नकल कराते थे।

एसटीएफ ने बताया कि 22 मई को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन में एसएससी-जीडी परीक्षा के दौरान प्रॉक्सी सर्वर लगाकर नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा किया गया था। उस समय मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 50 लाख रुपए नकद, प्रॉक्सी सर्वर और परीक्षा में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला था। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि हैकर अमित राणा और ‘डेविल’ ने सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड कर उसमें जरूरी बदलाव किए थे। इसके बाद प्रॉक्सी सर्वर के जरिए परीक्षा में नकल कराना संभव हुआ। अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को परीक्षा केंद्र के बाहर से नियंत्रित किया जाता था। पूछताछ में अरुण ने बताया कि उसने अमित कुमार को एसएससी-जीडी परीक्षा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को डिक्रिप्ट करके दिया था। दोनों ने मिलकर क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से जोड़ने वाली स्क्रिप्ट तैयार की थी।

2019 से सीख रहा था हैकिंग

एसटीएफ के अनुसार करीब 30 साल का अरुण बीए पास है। उसने आईटीआई जहांगीरपुरी से कंप्यूटर फंडामेंटल का एक साल का कोर्स किया है। 2019 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उसकी मुलाकात बिहार निवासी मनोज से हुई। एसटीएफ के मुताबिक, मनोज ऑनलाइन परीक्षाओं का संचालन कराता था। उसके साथ काम करते हुए अरुण ने परीक्षा सिस्टम में सेंध लगाने का तरीका सीखा और बाद में सर्वर हैकिंग व मोडिफाइड टीएफटी बनाने लगा।

यूपी समेत कई राज्यों में संपर्क

एसटीएफ का कहना है कि ‘डेविल’ के संपर्क में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के परीक्षा धांधली से जुड़े लोग थे। 2024 में सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। एसटीएफ के मुताबिक, उसने उस मामले के आरोपी उत्कर्ष को प्रॉक्सी सर्वर के जरिए सिस्टम रीबूट करने वाला सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव में उपलब्ध कराया था। अरुण के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में दर्ज मुकदमे में बीएनएस, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों से संबंधित कानूनों की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

मोडिफाइड टीएफटी और 11 रास्पबेरी पाई बरामद

एसटीएफ ने आरोपी के पास से 12 खुली टीएफटी स्क्रीन, 2 लैपटॉप, 11 रास्पबेरी पाई उपकरण, 14 एचडीएमआई वीडियो कैप्चर उपकरण, 8 वीजीए स्विच और 13 एचडीटीवी वीजीए एडाप्टर बरामद किए हैं। इसके अलावा 9 यूएसबी टाइप-सी एडाप्टर, 9 टीपी-लिंक यूएसबी ब्लूटूथ डोंगल, 4 वीजीए-एचडीटीवी एडाप्टर, एक्साइटेल ब्रॉडबैंड उपकरण और 2 सोल्डर मशीन भी मिली हैं।


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