सीएम योगी का जनता को पत्र – सड़क हादसों पर जताया दुख, नियम पालन की अपील
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक पत्र 'योगी की पाती' लिखा

‘योगी की पाती’: सड़क सुरक्षा माह से हादसों को शून्य स्तर पर लाने का संकल्प
- 3 हजार संवेदनशील स्थानों पर विशेष अभियान, 20 जिलों में कड़ी निगरानी
- हेलमेट-सीट बेल्ट दिखावा नहीं, परिवार की सुरक्षा का कवच: योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश की जनता के नाम एक पत्र 'योगी की पाती' लिखा। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आमजन से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने और नियमों की अनदेखी के कारण हर वर्ष हजारों लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है, जो अपने पीछे शोक-संतप्त परिवार छोड़ जाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए पत्र में लिखा, "सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि देख मुझे अत्यंत दुख होता है। लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हम हर वर्ष हजारों लोगों को खो देते हैं। ऐसी दुर्घटनाओं में स्वस्थ लोगों की अकाल मृत्यु अपने पीछे शोक संतप्त परिवार छोड़ जाती है। सामूहिक दायित्व एवं सजगता से इस स्थिति को बदला जा सकता है।"
सीएम योगी ने कहा कि 31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में 'सड़क सुरक्षा माह आयोजित कर रहे हैं। यह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है। हमारा लक्ष्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के सड़क-व्यवहार में परिवर्तन लाना है। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाने के लिए प्रदेश के 20 दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य भर की सड़कों पर 3 हजार से अधिक ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस अभियान को 5 बिंदुओं के आधार पर संचालित किया जा रहा है- शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुगम-सुरक्षित हों, इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू करेगी ही, परंतु सभी का सहयोग भी अपेक्षित है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग आपके साथ-साथ किसी और के जीवन पर भी भारी पड़ सकता है। गति सीमा का पालन करें। तीव्र गति और नशे में गाड़ी चलाना घातक दुर्घटनाओं के सबसे प्रमुख कारणों में सम्मिलित है। हेलमेट और सीट बेल्ट दिखावे की वस्तुएं नहीं हैं। वे आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। माता-पिता का दायित्व है कि नाबालिग बच्चे वाहन न चलाएं। पैदल चलने वालों का अत्यधिक ध्यान रखें और उनके प्रति संवेदनशील रहें। स्मरण रहे, सड़क पर उनका भी उतना ही अधिकार है।
सीएम योगी ने पत्र के अंत में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की सड़कों को सुगम-सुरक्षित बनाने के लिए आप यातायात नियमों का पालन करेंगे।


