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दीपोत्सव में जाति नहीं, सहभागिता है पहचान; गरीब परिवारों को धुएं वाले चूल्हे पर लौटने नहीं देगी सरकार: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझी आस्था और संस्कृति उसे एक सूत्र में पिरोती हैं।

दीपोत्सव में जाति नहीं, सहभागिता है पहचान; गरीब परिवारों को धुएं वाले चूल्हे पर लौटने नहीं देगी सरकार: सीएम योगी
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझी आस्था और संस्कृति उसे एक सूत्र में पिरोती हैं।

उन्होंने कहा कि राम नगरी अयोध्या का दीपोत्सव समाज को जोड़ने और समरसता का संदेश देने वाला आयोजन बन चुका है। वहीं, दीपावली के अवसर पर प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी देने की घोषणा को गरीब परिवारों और मातृशक्ति के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा कि वर्ष 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने समाज को जोड़ने वाली इस सांस्कृतिक शक्ति की पूर्णतः उपेक्षा की। डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और राम नगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज धर्माचार्य गण, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सभी समान उत्साह एवं श्रद्धा से इस आयोजन में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से होती है। दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है। यही दीपोत्सव का संदेश है। यही समरस समाज की संकल्पना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक एन्य पोस्ट में कहा कि जब सरकार की प्राथमिकता अपना ही परिवार हो, तो गरीब परिवारों की पीड़ा शासन की नीतियों से ओझल हो जाती है। पूर्ववर्ती सरकार में उत्तर प्रदेश में यही स्थिति थी। परिवारवाद की राजनीति के बीच लाखों माताएं और बहनें धुएं से भरी रसोई में जीवन बिताने को विवश थीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने परिवारवाद के स्थान पर लोक-कल्याण को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों की रसोई तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाया और मातृशक्ति को स्वास्थ्य, सुविधा तथा सम्मान का संबल दिया। पावन पर्व दीपावली के उपलक्ष्य में लखनऊ में 1,500 करोड़ की धनराशि से प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को आज रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी का वितरण होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अभाव के कारण कोई गरीब परिवार फिर से धुएं वाले चूल्हे पर लौटने को विवश न हो, यह सरकार की प्रतिबद्धता है। हर घर में दीपावली की खुशियां और हर रसोई में सुविधा का प्रकाश बना रहे। मातृशक्ति एवं वंचित परिवारों की खुशियों को संबल देने के लिए प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार तथा सभी माताओं और बहनों को दीपावली की अग्रिम बधाई।



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