‘आज मेरी बेटी का पुनर्जन्म हुआ’… PM मोदी के माफ करने के फैसले पर भावुक हुई अपशब्द कहने वाली बेटी की मां
छात्रा की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह संयम दिखाया, वह उनके लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में बच्चे कई बार भावनाओं में बहकर गलतियां कर बैठते हैं, उस समय उन्हें सुधार का मौका मिलना जरूरी है।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने वाली छात्रा की मां का बयान सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनकी बेटी को माफ किए जाने पर आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले से उनकी बेटी को जीवन में सुधार का एक नया अवसर मिला है। छात्रा की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बदले की भावना के बजाय क्षमा का रास्ता चुना, जो उनके लिए और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण है। उन्होंने इसे अपनी बेटी के लिए एक दूसरा मौका बताया।
‘बेटी को मिला जीवन का सबसे बड़ा उपहार’
छात्रा की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह संयम दिखाया, वह उनके लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में बच्चे कई बार भावनाओं में बहकर गलतियां कर बैठते हैं, उस समय उन्हें सुधार का मौका मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा, “आज मेरी बेटी का जन्मदिन है और प्रधानमंत्री मोदी ने उसे सबसे बड़ा उपहार दिया है। मेरी बेटी को एक नई शुरुआत का मौका मिला है।” उन्होंने प्रधानमंत्री का हाथ जोड़कर धन्यवाद करते हुए कहा कि माफी का फैसला उनकी बेटी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
पीएम मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर की थी अपील
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए CJP समर्थित छात्र प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आपत्तिजनक नारों पर प्रतिक्रिया दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कुछ गुमराह बच्चे गलत रास्ते पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों का समाधान गुस्से या सजा से नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा दिखाकर किया जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों की गलतियों को माफ करने की बात कहते हुए समाज से भी उन्हें सुधार का अवसर देने की अपील की थी।
छात्रा ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद संबंधित छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। वीडियो में छात्रा ने खुद को 15 वर्षीय बताया और कहा कि उससे बड़ी गलती हो गई। उसने कहा कि उसने जो शब्द इस्तेमाल किए, वह गलत थे और उसे अपने व्यवहार पर पछतावा है। छात्रा ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां से वह प्रदर्शन स्थल पहुंची। उसने कहा कि वहां मौजूद लोगों के नारों से प्रभावित होकर उसने भी आपत्तिजनक बातें कह दीं। उसने इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताते हुए देशवासियों से माफी मांगी।
छात्रा के खिलाफ दर्ज हुई FIR
हालांकि, माफी मांगने के बावजूद छात्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। नोएडा में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को आगे की जांच के लिए संसद मार्ग थाना पुलिस को भेज दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि छात्रा की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंची और इससे सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका थी।
मां ने FIR वापस लेने की अपील की
छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी अपनी गलती स्वीकार कर चुकी है और परिवार की ओर से भी माफी मांगी जा चुकी है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से एफआईआर वापस लेने की अपील की। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत में उनकी बेटी की उम्र गलत दर्ज की गई है। उनके अनुसार, बेटी नाबालिग है और उसकी उम्र 15 वर्ष है।
सोशल मीडिया और बच्चों को लेकर मां ने जताई चिंता
छात्रा की मां ने सरकार से अपील की कि नाबालिग बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और राजनीतिक प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर अधिक सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे कई बार सोशल मीडिया पर चल रहे प्रभावों के कारण बिना पूरी समझ के कदम उठा लेते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए अभिभावकों और समाज को मिलकर काम करना चाहिए। फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। वहीं प्रधानमंत्री की माफी की अपील के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।


