Top
Begin typing your search above and press return to search.

यूपी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी आजाद समाज पार्टी, चंद्रशेखर आजाद बोले- "हमारी तैयारी पूरी, सभी सीटों पर नजर"

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं की मांगों, भाजपा सरकार की कार्यशैली, विधान परिषद चुनाव के नतीजों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। पार्टी पिछले साढ़े चार वर्षों से लगातार इसकी तैयारी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी गठबंधन चाहती थी, ताकि भाजपा को चुनाव में मौका न मिले, लेकिन आजाद समाज पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने में सक्षम है।

यूपी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी आजाद समाज पार्टी, चंद्रशेखर आजाद बोले- हमारी तैयारी पूरी, सभी सीटों पर नजर
X

लखनऊ। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं की मांगों, भाजपा सरकार की कार्यशैली, विधान परिषद चुनाव के नतीजों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। पार्टी पिछले साढ़े चार वर्षों से लगातार इसकी तैयारी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी गठबंधन चाहती थी, ताकि भाजपा को चुनाव में मौका न मिले, लेकिन आजाद समाज पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने में सक्षम है।

अधिवक्ताओं के सम्मेलन में को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वकील लंबे समय से अपनी मांगें उठाते रहे हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने उनकी बात नहीं सुनी। सम्मेलन में उनकी मांगों को सुना जाएगा और यह चर्चा होगी कि फिलहाल उनका क्या समाधान निकाला जा सकता है। सत्ता में आने पर उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। अधिवक्ताओं की सुरक्षा, कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाने, दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ाने, चैंबर की व्यवस्था, नए अधिवक्ताओं की समस्याओं और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही, न्यायपालिका में बहुजन समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

लखनऊ में भाजपा की बैठक को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस बार जनता बदलाव करेगी। भाजपा के सुशासन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्थिति देखनी हो तो ईको गार्डन जाना चाहिए। वहां पंचायत सहायक, शिक्षक भर्ती, मेडिकल कॉलेज, सीएचओ, सहकारी समितियों से जुड़े लोग, रोजगार सेवक, आशा बहनें, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मिलेंगे। रोजगार और भर्ती से जुड़े अलग-अलग वर्गों के लोग लगातार अपनी समस्याएं उठा रहे हैं। यही भाजपा सरकार के सुशासन की वास्तविक तस्वीर है।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि चुनाव अच्छे हुए, लेकिन मतदाता सूची में कई कमियां थीं। उन्होंने मतदाता सूची में सुधार की जरूरत बताई और मांग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर भाजपा को चुनौती देते हुए आजाद ने कहा कि यदि पार्टी को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो उसे बैलेट पेपर से चुनाव कराने में क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने वादों पर भी खरी नहीं उतरी है। हाथरस के परिवार से किए गए वादे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को ईवीएम और बैलेट पेपर से सबक सिखाएगी।

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह रास्ता आसानी से नहीं खुला। इसके लिए छात्रों को संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने जामिया के छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनके संघर्ष के कारण प्रशासन ने चुनाव का रास्ता खोला है। इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी संघर्ष किया था। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां छात्रसंघ चुनाव बंद हैं, वहां भी चुनाव शुरू कराए जाएं।

सरकारी नौकरी पाने के लिए उत्तर प्रदेश में जारी नए नियम पर उन्होंने सरकार को घेरा। आजाद ने इसे डरी हुई सरकार का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह देश और राजनीतिक दल आंदोलन से बने हैं। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने भी खूब आंदोलन किए थे, लेकिन अब सत्ता में रहते हुए वह विरोध को कानूनी नियमों के जरिए दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार नौजवानों और बेरोजगारों की आवाज दबा रही है। जनता 2027 में इसका जवाब देगी।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली पर उन्होंने कहा कि गठबंधन के घटक दलों ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच उठापटक और एसआईआर प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में अविश्वास पैदा हुआ है। आजाद ने कहा कि सरकार के तंत्र को सोचना चाहिए कि लोकतंत्र जनता के जनमत और उसके विश्वास से चलता है। जब जनता का विश्वास उठ जाता है तो इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। पार्टी की तैयारी पूरी है और 2022 के बाद से ही लगातार चुनावी तैयारियां की जा रही हैं।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it