भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान – किसान की आवाज दबाई जा रही
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज किसान और मजदूर सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है

किसानों के संघर्ष पर जोर – बढ़ती लागत और कम दाम बने संकट
- बागपत में किसान सम्मान दिवस – सत्यपाल मलिक को दी श्रद्धांजलि
- केंद्र सरकार पर निशाना – मजदूरों और किसानों की पैरवी घट रही
बागपत। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज किसान और मजदूर सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेती की बढ़ती लागत और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, ऐसे में किसानों के हितों की लड़ाई को और मजबूती से उठाने की आवश्यकता है।
श्री हुड्डा बुधवार को बागपत जिले के हिसावदा गांव में पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित किसान सम्मान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों की प्रभावी पैरवी करने वाले लोगों की संख्या लगातार घटती जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान महंगी होती खेती, बढ़ती उत्पादन लागत और फसलों के लाभकारी मूल्य न मिलने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इन चुनौतियों का समाधान तभी संभव है, जब किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया जाए और उनकी समस्याओं का गंभीरता से निराकरण किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय सत्यपाल मलिक को किसानों का सच्चा हितैषी बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा किसानों के अधिकारों के लिए बेबाकी से आवाज उठाई। उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान दिवस जैसे आयोजन किसानों के मुद्दों पर संवाद और समाधान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह, उपाध्यक्ष अन्नु मलिक, किसान नेता ओमवीर सिंह तोमर सहित अनेक किसान नेताओं ने भी स्वर्गीय सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने और सत्यपाल मलिक के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।


