Top
Begin typing your search above and press return to search.

'मैंने कुछ नहीं किया...' राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अनिल मिश्रा ने टिन्नू यादव पर फोड़ा ठीकरा

विशेष जांच के तहत मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव समेत करीब दस लोगों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां अब केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे चढ़ावा प्रबंधन और लेखा प्रणाली की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।

मैंने कुछ नहीं किया... राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अनिल मिश्रा ने टिन्नू यादव पर फोड़ा ठीकरा
X

अयोध्या: Ayodhya Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को विशेष जांच के तहत मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव समेत करीब दस लोगों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां अब केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे चढ़ावा प्रबंधन और लेखा प्रणाली की भी गहन पड़ताल कर रही हैं। इसी कड़ी में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

अनिल मिश्रा ने टिन्नू यादव पर डाला जिम्मेदारी का ठीकरा

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए गणनाकर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को पूरे प्रकरण का मुख्य संचालक बताया। उनका कहना था कि चढ़ावे की गणना से जुड़े सभी कर्मचारी टिन्नू यादव के निर्देशों के अनुसार कार्य करते थे। जांच एजेंसियां अब इस दावे का अन्य साक्ष्यों और बयानों से मिलान कर रही हैं।

मुख्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी

पुलिस ने मुख्य आरोपित लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय के मिल्कीपुर, खंडासा और रुदौली स्थित पैतृक गांवों में छापेमारी की। इस दौरान कई दस्तावेज और एक बक्सा बरामद किया गया। पुलिस ने लवकुश के पिता राजेश उर्फ बच्चूलाल मिश्र को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। पुलिस को पता चला कि लवकुश की पत्नी सुप्रिया के बैंक खाते में एक वर्ष के भीतर लगभग 24 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह धनराशि किस स्रोत से आई और उसका कथित चोरी से कोई संबंध है या नहीं।

पांच वर्षों के ऑडिट की होगी विशेष जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी का कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड की भी विस्तृत समीक्षा करने का निर्णय लिया है। जांच दल यह पता लगाएगा कि वित्तीय ऑडिट के दौरान कहीं कोई अनियमितता, लापरवाही या ऐसी खामियां तो नहीं रहीं जिनके कारण कथित गड़बड़ियां लंबे समय तक सामने नहीं आ सकीं। सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मिले कुछ दस्तावेज और साक्ष्य वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करते हैं। हालांकि इन संभावित गड़बड़ियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

एसआईटी की अहम बैठक आज संभव

सूत्रों के अनुसार एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरन एस तथा विशेष वित्त सचिव नील रतन शीघ्र बैठक कर जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। इस बैठक में अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

अविनाश शुक्ल की रिमांड पर आज सुनवाई

मामले के विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की पुलिस रिमांड की मांग की है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि जेल में पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर चोरी की रकम और अन्य सामान की बरामदगी के लिए पुलिस हिरासत आवश्यक है। अब तक अविनाश शुक्ल के पास से लगभग 20 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं, जो सभी आरोपितों में सबसे अधिक है। अदालत ने आरोपी के अनुरोध पर उसे विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश भेजे हैं।

'रामराज्य कोष' बक्से पर सामने आया नया दावा

जांच के दौरान अविनाश शुक्ल के कौशलपुरी स्थित योग केंद्र से 'रामराज्य कोष' नाम लिखा एक बक्सा बरामद हुआ, जिस पर पेटीएम का क्यूआर कोड भी लगा था। इसके बाद वाराणसी के चितईपुर निवासी भास्कर सिंह ने दावा किया कि यह बक्सा उनकी संस्था का है और उन्होंने ही इसे वहां रखा था। भास्कर सिंह के अनुसार संबंधित बैंक खाता अयोध्या के यूको बैंक में संचालित है और अभी सक्रिय है, जबकि बक्से पर लगा क्यूआर कोड पुराना तथा निष्क्रिय हो चुका है। पुलिस इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

बार एसोसिएशन करेगा मुकदमा दर्ज करने की मांग

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने इस मामले में ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है। अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ता रामजन्मभूमि थाने में शिकायत देकर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग करेंगे।

आठों आरोपित हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद

मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों को मंडलीय कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है और बैरक की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। प्रशासन ने आरोपितों को अन्य कैदियों से अलग रखा है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना या तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो।

एसआईटी की सिफारिश पर दर्ज हुई थी एफआईआर

यह मामला जून की शुरुआत में सार्वजनिक चर्चा में आया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। जांच शुरू होने के बाद एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने और मंदिर की वित्तीय व्यवस्था में सुधार के सुझाव दिए थे।

25 जून को पहली एफआईआर

इसके आधार पर 25 जून को पहली एफआईआर दर्ज की गई और अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्र सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपितों पर दानपात्रों की राशि, बैंक खातों और मैनुअल रसीदों के मिलान में कथित जालसाजी, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार अब तक की कार्रवाई में लगभग 80 लाख रुपये नकद, आभूषण तथा संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it