Top
Begin typing your search above and press return to search.

मुजफ्फरनगर में अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा, गोमाता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग

गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह यात्रा केवल गो माता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है

मुजफ्फरनगर में अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा, गोमाता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग
X

मुजफ्फरनगर। गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह यात्रा केवल गो माता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वोट लेने के बावजूद नेता गाय की रक्षा के लिए कोई ठोस कानून नहीं बना पाए।

शंकराचार्य महाराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह यात्रा ‘गो माता’ की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। हमें देश के नेताओं और राजनीतिक दलों से निराशा हुई है क्योंकि हमारे वोट हासिल करने के बावजूद वे गाय की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं बना पाए। इसी भावना से प्रेरित होकर हम पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाताओं से जुड़ने निकले हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी एक राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि गो माता के प्रति समर्पण और उनकी सुरक्षा की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी आधिकारिक रूप से इस यात्रा का समर्थन नहीं कर रही है, लेकिन पार्टी से जुड़े हिंदू सदस्य और गौ माता के भक्त अपनी आस्था व मूल्यों के आधार पर इसमें शामिल हो रहे हैं।"

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने आगे कहा, "हमने हर राजनीतिक पार्टी के हिंदुओं से कहा है कि अगर उनके मन में गो माता के प्रति श्रद्धा है तो उन्हें इस यात्रा में शामिल होना चाहिए। जो कोई भी इस यात्रा में भाग ले रहा है, वह गौ माता के प्रति अपनी श्रद्धा के कारण ऐसा कर रहा है। इसका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।"

यात्रा के दौरान शंकराचार्य महाराज पूरे प्रदेश में विभिन्न जिलों का दौरा कर जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हिंदू समाज से अपील की कि वे अपनी आस्था को मजबूत रखते हुए गो माता की रक्षा के लिए एकजुट हों।

उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में दान को लेकर हुए विवाद पर कहा, "अयोध्या में चोरी कोई नई बात नहीं है; राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ ऐसा होता रहा है। चंपत राय ने कहा था कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। इसका मतलब है कि उनके लिए ऐसी घटनाएं सामान्य या रोजमर्रा की बात थीं।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it