नौचंदी मेले के आयोजन पर भ्रष्टाचार के आरोप
कचहरी रोड स्थित कार्यालय पर सामाजिक कार्यकर्ता डा. संदीप पहल ने पत्रकार वार्ता में नौचंदी मेले को लेकर कई सवाल उठाए

उद्घाटन के 10 दिन बाद भी खाली पड़ा मैदान
- जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- डा. संदीप पहल ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, जांच की मांग
मेरठ। बुधवार को कचहरी रोड स्थित कार्यालय पर सामाजिक कार्यकर्ता डा. संदीप पहल ने पत्रकार वार्ता में नौचंदी मेले को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विगत 15 मार्च को नौचंदी मेले का उद्घाटन किया जा चुका है। आज करीब 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नौचंदी गेउंड सूना पड़ा है। मैदान में आज भी आवारा पशु घूमते नजर आ जाएंगे। उन्होंने जिला प्रशासन व स्थानीय नेताओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
डा. संदीप पहल ने कहा कि ऐतिहासिक नौचंदी मेला लगभग 350 साल से मेरठ में निरंतर लग रहा है। 2021 में गजट के माध्यम से इसे प्रांतीय मेला घोषित किया गया। गजट के अनुसार संचालन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी मेरठ यानि जिला प्रशासन की है, नगर निगम और जिला पंचायत का इस मेले में हस्तक्षेप गैर कानूनी है। उन्होंने इसी पर फोकस करते हुए दोनों विभागों के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के करीब एक महीने बाद मेला शूरु होगा, ऐसा इसलिए होगा कि जब सब ठेकेदार, दुकानदार, बिजली वाला, झूले, पार्किंग वाले आदि से कमीशन की सैटिंग बैठ जायेगी और इस तरह का खेल हर वर्ष होता है। डा. संदीप ने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी भ्रष्टाचार में इतने लिप्त हैं कि प्रांतीय मेले के उद्घाटन होने बाद भी दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में लगाए जा रहे मेले को बंद नहीं कराया। जबकि प्रांतीय मेले लगने वाले दिनों में किसी भी अन्य आयोजन की अनुमति देना अवैध है। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान में दीपक जैन द्वारा विभागों की अनुमति लिए बिना ही मेले का आयोजन किया जा रहा है। डा. संदीप ने बताया कि विगत 14 मार्च को नौचन्दी मेले की गरिमा बचाने के लिए आयुक्त, मेरठ मण्डल मेरठ, जिलाधिकारी मेरठ आदि को पत्र भेजते हुए दिल्ली रोड़ पर चल रहे मेले को बन्द कराने का आग्रह किया था, लेकिन अब तक कार्यवाही शून्य रही। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है और नौचंदी मेले की प्रतिष्ठा को धूमिल होने से बचने के लिए दिल्ली रोड पर चल रहे मेले को दी गयी सारी अनुमति को निरस्त कराने की मांग की है।


