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अखिलेश का भाजपा पर निशाना, बोले- जनता सुनने के मूड में नहीं, झूठी बातों का भरोसा अब कोई नहीं कर रहा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक लंबी पोस्ट में मंदिर में चोरी, मां के अपमान, मुकदमों, संविधान, अल्पसंख्यकों, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों, युवाओं और रोजगार समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए।

अखिलेश का भाजपा पर निशाना, बोले- जनता सुनने के मूड में नहीं, झूठी बातों का भरोसा अब कोई नहीं कर रहा
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक लंबी पोस्ट में मंदिर में चोरी, मां के अपमान, मुकदमों, संविधान, अल्पसंख्यकों, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों, युवाओं और रोजगार समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए।

अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे लोगों की झूठी बातों पर अब कोई भरोसा नहीं कर रहा है और जनता उन्हें सुनने के मूड में नहीं है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, “मंदिर में चोरी करवाने वाले और दुखी मां का अपमान करने वालों की झूठी बात का भरोसा अब कोई नहीं कर रहा है।”

इसके बाद उन्होंने भाजपा पर कई आरोप गिनाते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने ऊपर से मुकदमे हटवाए हों, जो पूज्य शंकराचार्य तक पर प्रहार करवाते और आरोप लगाते हों तथा जो संविधान का विरोध करने के लिए बाबासाहेब की मूर्तियों तक को तोड़ रहे हों, उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अन्याय, हाथरस की बेटी के साथ अंतिम संस्कार तक न्याय न होने, एक युवा विधवा को जेल में तड़पाने तथा प्राध्यापकों, पत्रकारों और ईमानदार अधिकारियों को अभद्र शब्दों से संबोधित करने के भी आरोप लगाए।

अखिलेश ने कहा कि कॉरिडोर, पुल, एक्सप्रेसवे, मंदिर और पानी की टंकी के नाम पर निर्माण में पैसे खाने, सत्ता से जुड़े लोगों को अपराध के बाद बचाने और जनता के टैक्स के 2.5 करोड़ रुपए हर दिन अपनी नकली छवि बनाने पर खर्च करने जैसे आरोपों के बीच जनता अब उनकी बातों को सुनने के मूड में नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर झूठे मुकदमे लगाने, विरोधियों के फर्जी एनकाउंटर कराने और बुलडोजर से लोगों के घर गिरवाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने स्कूलों को बंद कराने, अपने ही विधायकों और दल के नेताओं के विरोध, भ्रष्टाचार के पैसे को सोने की सिल्ली में ढलवाने और कमीशनखोरी के कारण महंगाई बढ़ने जैसे आरोप भी लगाए।

अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई के चलते खाना-पीना, दवाई-इलाज और पढ़ाई तक महंगी हो गई है। सपा अध्यक्ष ने किसानों को खाद, सिंचाई का पानी और बिजली नहीं मिलने, छुट्टा पशुओं से खेती को नहीं बचा पाने तथा किसानों और मजदूरों को उनकी फसल और मेहनत का सही दाम नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदेश के व्यापार-कारोबार को दूसरे राज्यों के ठेकेदारों को नीलाम करने, जीएसटी के कारण छोटे दुकानदारों और कारखानों के प्रभावित होने तथा हस्तकलाओं और शिल्पकारों को विदेशी डील के माध्यम से नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि निवेश में एडवांस कमीशन लेने, नौकरी-भर्ती को अदालतों में फंसाने, लेटरल एंट्री, संविदा और ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ के माध्यम से आरक्षण को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप भी सरकार के खिलाफ उठते रहे हैं। अखिलेश ने प्रतिभावानों और हुनरमंदों के लिए यश भारती जैसे सम्मान और सम्मान राशि बंद किए जाने तथा सरकारी संपत्तियां बेचे जाने का भी आरोप लगाया।

अखिलेश ने कहा कि संबंधित शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा का रिकॉर्ड बना है। उन्होंने हिरासत में मौतों का भी आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां माफिया नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था ही प्रदेश छोड़कर भाग गई हो और अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा ही ‘जीरो’ हो गया हो, वहां सरकार के दावों का कोई असर नहीं रह जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट शासन में ‘हथेली गरम, पुलिस नरम’ का फार्मूला जनता में लोकप्रिय हो गया है। आईपीएस के फरार होने, थाने पर छापे पड़ने और ‘कोडीन भाई’ तथा ‘वनस्पतिगंज’ जैसे सीरियल बनने की चर्चा का भी उन्होंने उल्लेख किया। भूमाफिया, कब्जाजीवी, अवैध खनन करने वालों, जमाखोरों और मिलावटखोरों के बोलबाला होने का आरोप भी लगाया।

सपा अध्यक्ष ने पीडीए समाज के लोगों के साथ कथित भेदभाव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए समाज के लोगों के आवास गंगाजल से धुलवाए जाते हैं और मंदिर, चौराहे तथा मंच तक का शुद्धीकरण कराया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीडीए समाज के लोगों से मिलने से पहले उन्हें साबुन से नहलाया जाता है।

अखिलेश ने कहा कि शिक्षक, शिक्षार्थी, शिक्षामित्र, आशा-आंगनबाड़ी सहायिका, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पुरानी पेंशन की मांग करने वाले वरिष्ठ नागरिक, 1090 और 69000 वाले अभ्यर्थी, यूपीएसएसएससी एवं अन्य भर्ती और सैन्य भर्ती के अभ्यर्थी, टीईटी अभ्यर्थी, वकील, पेशेवर, डिलीवरी पर्सन, बीएलओ, प्रधान और विभिन्न विभागों के ईमानदार लोग उपेक्षित, उत्पीड़ित और परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की आपसी टकराहट में उत्तर प्रदेश पिस रहा है और जिनके अपने भाषण-संबोधन में अपनी कोई बात कहने को नहीं है, उनकी बातों का अब कोई असर नहीं हो रहा है। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, “ऐसे लोगों की बातों का अब कोई असर नहीं हो रहा है क्योंकि वो खुद दिन भर किसी के असर में रहते हैं। जनता अब उनको सुनने के मूड में नहीं है।



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