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यूपी में ओवरस्पीडिंग पर बड़ा एक्शन, दो दिन में 6,777 वाहनों के चालान

योगी सरकार में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं

यूपी में ओवरस्पीडिंग पर बड़ा एक्शन, दो दिन में 6,777 वाहनों के चालान
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रफ्तार पर योगी सरकार की सख्ती, एक्सप्रेसवे पर करोड़ों का जुर्माना

  • तेज रफ्तार पड़ी भारी, ऑपरेशन सेफ स्पीड में हजारों वाहन चालक पकड़े गए
  • यमुना एक्सप्रेसवे सबसे आगे, ओवरस्पीडिंग पर पुलिस का बड़ा शिकंजा

लखनऊ। योगी सरकार में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश पुलिस के यातायात निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ के तहत विशेष जांच अभियान चलाया गया।

अभियान के दो चरणों में 6,777 वाहनों के चालान किए गए और कुल 1 करोड़ 38 लाख 32 हजार 500 रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी अंकुश लगाना और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना रहा।

यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण की पहल पर यातायात निदेशालय के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान में अपर पुलिस महानिदेशक यातायात ए. सतीश गणेश के निर्देशन में कार्रवाई की गई। प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और चिन्हित स्थानों पर इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए तेज गति से चलने वाले वाहनों की निगरानी की गई। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ का पहला चरण 26 अक्टूबर और दूसरा चरण 28 अक्टूबर 2026 को चलाया गया। दोनों चरणों में प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर एक साथ विशेष जांच की गई। इस दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे अधिक 3,116 चालान किए गए और 66 लाख 98 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 1,289 चालान कर 24 लाख 18 हजार रुपये, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 537 चालान कर 11 लाख 82 हजार 500 रुपये और गंगा एक्सप्रेसवे पर 553 चालान कर 9 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।

इसी तरह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 497 चालान के साथ 9 लाख 94 हजार रुपए, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 348 चालान के साथ 6 लाख 96 हजार रुपए, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 214 चालान के साथ 4 लाख 28 हजार रुपए और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 103 चालान के साथ 2 लाख 28 हजार रुपए का जुर्माना दर्ज लगाया गया।

वहीं, गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे पर 90 चालान कर 1 लाख 88 हजार रुपये व कानपुर-वाराणसी हाईवे पर 30 चालान कर 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

यातायात निदेशालय के मुताबिक तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। अधिक रफ्तार के कारण दुर्घटना होने पर उसके गंभीर या जानलेवा होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में अभियान के जरिए केवल चालान करना ही नहीं, बल्कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित गति से वाहन चलाने की आदत विकसित करना भी लक्ष्य है।

प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई से यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार और पुलिस की इस पहल से वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने का संदेश दिया जा रहा है।

अभियान के तहत पुलिस का जोर इस बात पर है कि वाहन चालक अपनी सुरक्षा के साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। निर्धारित गति सीमा का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन बचाने की जिम्मेदारी भी है।


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