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डीएमके सांसद के 'गौमूत्र राज्य' वाले बयान को लेकर लोक सभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित

डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार एस. द्वारा मंगलवार को लोक सभा में हिंदी पट्टी के राज्यों को 'गौमूत्र राज्य' कहने के मुद्दे पर बुधवार को लोक सभा में प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा हुआ

डीएमके सांसद के गौमूत्र राज्य वाले बयान को लेकर लोक सभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित
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नई दिल्ली, डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार एस. द्वारा मंगलवार को लोक सभा में हिंदी पट्टी के राज्यों को 'गौमूत्र राज्य' कहने के मुद्दे पर बुधवार को लोक सभा में प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

बुधवार को प्रश्न काल के दौरान जैसे ही डीएमके के नेता टीआर बालू अपना प्रश्न पूछने के लिए खड़े हुए, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और पीयूष गोयल ने पहले टीआर बालू से डीएमके के नेता होने के कारण अपने सांसद के बयान को लेकर माफी मांगने की मांग की।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि टीआर बालू डीएमके के नेता हैं। पहले उन्हें अपने सांसद के बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह क्या तरीका है कि कोई भी सदन में कुछ भी बोल कर चला जाए।

वहीं केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी टीआर बालू से माफी मांगने की बात कहते हुए सदन में आरोप लगाया कि ये लोग भारत को उत्तर और दक्षिण में बांटना चाहते हैं। राहुल गांधी जब अमेठी से चुनाव हार गए थे तो उन्होंने उस समय भी उत्तर भारत और दक्षिण भारत के विभाजन की बात कही थी।

जोशी ने आरोप लगाया कि ये लोग देश को डिवाइड करने का काम कर रहे हैं।

इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के सांसद खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और हंगामा शांत न होता देखकर लोक सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

आपको बता दें कि,लोक सभा में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक- 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक- 2023 पर चर्चा के दौरान तमिलनाडु के धर्मपुरी से डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार एस. ने हिंदी पट्टी के राज्यों को 'गौमूत्र राज्य' बताते हुए कहा था, "इस देश के लोगों को यह सोचना चाहिए कि भाजपा की ताकत केवल हिंदी हार्टलैंड के राज्यों में चुनाव जीतना है, जिन्हें हम आम तौर पर 'गौमूत्र' राज्य कहते हैं। आप साउथ इंडिया में नहीं आ सकते। आपने देखा कि तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के चुनावी नतीजों में क्या हुआ। हम वहां बहुत मजबूत हैं।"


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