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उप्र : पुलिस नहीं लिख रही दुष्कर्म की कोशिश का मुकदमा

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पुलिस महिला हिंसा के मामलों में दिन-ब-दिन संवेदनशून्य होती जा रही है

उप्र : पुलिस नहीं लिख रही दुष्कर्म की कोशिश का मुकदमा
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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पुलिस महिला हिंसा के मामलों में दिन-ब-दिन संवेदनशून्य होती जा रही है। नरैनी थाने की पुलिस ने घर में घुसकर दुष्कर्म करने की कोशिश के मामले में एक माह बाद भी प्राथमिकी दर्ज करना उचित नहीं समझा। अब आरोपी पीड़िता से मामले को दबाने में पुलिस को दिए गए रुपये की वापस दिलाने का दबाव डाल रहा है। मामला नरैनी थाने के पंचमपुर गांव से जुड़ा हुआ है। यहां एक विधवा महिला ने गांव के ही दरबारी पटेल पर 22 मार्च की आधी रात घर में घुसकर दुष्कर्म करने की कोशिश का आरोप लगाया था। उसकी शिकायत पर गांव गए पुलिसकर्मियों ने जांच के बाद कार्रवाई करने का भरोसा देकर वापस लौट गए थे। पीड़ित महिला की मानें तो वह घटना के अगले दिन पुलिस अधीक्षक से भेंटकर अपनी प्राथमिकी दर्ज कराने की आरजू कर चुकी है, लेकिन उनके आदेश के बाद भी शिकायत ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

पीड़िता ने शुक्रवार को बताया कि एक माह का अरसा गुजर जाने के बाद अब आरोपी दरबारी पटेल मामले को दबाने के लिए पुलिस को दिए गए तीस हजार रुपये की वापसी की उस पर दबाव बना रहा है। आरोपी ने दुकानों से सामान खरीदने और किसानों के घरों में मजदूरी भी करने नहीं जाने दे रहा। दो सप्ताह से उसे नजरबंद की तरह रखा गया।

पुलिस अधीक्षक शालिनी ने कहा, "पीड़िता की हर हालत में मदद की जाएगी, अब तक मुकदमा न लिखे जाने के दोषी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।"


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