अज्ञात हमलावरों ने सरपंच को मार डाला
दंतेवाड़ा ! दक्षिण बस्तर के भांसी थाना अंतर्गत मसेनार के सरपंच की बीती रात अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी।

दंतेवाड़ा ! दक्षिण बस्तर के भांसी थाना अंतर्गत मसेनार के सरपंच की बीती रात अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। घटना स्थल पर मिले नक्सल पर्चे के आधार पर इसे नक्सल वारदात माना जा रहा है, लेकिन पुलिस दूसरी दिशा में भी जांच कर रही है। मिले नक्सल पर्चे में सरपंच के संबंध में कोई जिक्र नहीं है और न ही हत्या कारण बताया गया है।
मसेनार के 37 वर्षीय सरपंच राजू नेताम अपनी पत्नी और बच्चे के साथ घर में थे। खाना खाकर सोने की तैयारी में थे कि रात करीब 10 बजे दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खोला तो सामने दो लोग खड़े थे। दोनों ने कहा कि क्या सरपंच इतनी जल्दी सो रहे हो, चलो साहब बुला रहे हैं। जैसे ही राजू दरवाजे से बाहर निकला उन लोगों ने दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया, इससे उसकी पत्नी और बेटा घर के भीतर ही बंद हो गए। इन लोगों ने बाहर आने नहीं कहा गया। दोनों लोगों ने राजू को अपने साथ थोड़ी दूर ले जाकर मारपीट शुरू कर दी। वहां कुछ लोग और मौजूद थे। पिटाई शुरू हुई तो किसी तरह अपने आपको छुड़ाकर राजू घर की ओर दौड़ा, लेकिन घर के आंगन के पास अज्ञात लोगों ने उसे दबोच लिया और कुल्हाड़ी से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले से राजू संभल नहीं पाया और वहीं धराशायी हो गया। घर के भीतर से पत्नी और बच्चे चिख पुकार मचाते रहे, लेकिन हमलावरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। राजू के बेटे ने ही गांव के अन्य रिश्तेदारों को मोबाइल से फोन कर कहा कि पापा को कुछ लोगों ने मार डाला। इसके बाद देखते ही देखते पूरा गांव इक_ा हो गया। सुबह घटना की खबर दंतेवाड़ा पहुंची तो एसपी कमलोचन कश्यप घटना के लिए रवाना हुए। उनके साथ एडिशनल एसपी जीएन बघेल भी थे।
राजू नेताम टेकनार के रहवासी भाजपा नेता रामू नेताम के चचेरे भाई थे। राजू पहले 2005 से 2010 तक गांव का सरपंच था और फिर 2015 से फिर दोबारा सरपंच बना। नक्सलियों से उसकी कभी कोई रंजिश नहीं थी और न कभी धमकी मिली थी। एक कुशल सरपंच के रूप में उसकी गिनती दंतेवाड़ा ब्लाक में होती थी। हमलावरों ने उनके चेहरे, सिर और दांयी आंख के पास कुल्हाड़ी से वार किया था। राजू के तीन बच्चे हैं, जिसमें 2 लडक़ा और 1 लडक़ी है. दो बच्चे आस्था विद्यालय जावंगा में पढ़ते हैं तो एक लडक़ा धुरली आश्रम में पढ़ाई करता है। बीमार होने की वजह से यही घर आया था और हमले के दौरान मौजूद था। घटना स्थल पहुंचे एडिशनल एसपी ने मृतक की पत्नी से पूछताछ की तो उसने भी हमले में नक्सलियों का हाथ नहीं होने की बात कही। घटना स्थल पर मिला पर्चा नक्सलियों का है, जिसमें भैरमगढ़ एरिया कमेटी लिखा हुआ है, लेकिन इसमें सरपंच की हत्या को लेकर कोई बात नहीं है, अलबत्ता फर्जी सरेंडर का विरोध करने और अग्रि संस्था से दूर रहने की बात कही गयी है। एडिशनल एसपी श्री बघेल के मुताबिक यह पर्चा काफी पुराना है। वारदात को नक्सलियों ने अंजाम दिया, यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, हर पहलू की जांच हो रही है।
इधर सरपंच के शव को पोस्ट मार्टम के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा लाया गया। यहां पर मृतक के परिजनों के साथ ही जिला भाजपा अध्यक्ष अभिमन्यू सोनी, पूर्व विधायक भीमा मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला नाग, भाजयुमो कार्य समिति सदस्य दीपक बाजपेई, जिला पंचायत सदस्य मुन्ना मरकाम, चैतराम अटामी, राजा गुप्ता, विनोद साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद थे।


