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अनधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता विधेयक लोकसभा में पेश

 केन्द्रीय आवासन और शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया

अनधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता विधेयक लोकसभा में पेश
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नयी दिल्ली। केन्द्रीय आवासन और शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया।

पुरी ने राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र दिल्ली(अप्राधिकृत कालोनी निवासी संपति अधिकार मान्यता विधेयक 2019) पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि इस विधेयक के पारित होने से राष्ट्रीय राजधानी के करीब 50 लाख नागरिकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने के बाद दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों के निवासियों को अपनी संपत्ति का मुख्तारनामा, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र आदि के आधार पर संपत्ति का पंजीकरण करा सकेंगे तथा एवं अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे जिनके आधार पर वे उनकी संपत्तियों पर कानूनी कब्जा साबित कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे इन अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 45 से 50 लाख लोगों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी का सपना है कि हर व्यक्ति का सपना है कि हर भारतीय का अपना घर हो और इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों में केन्द्र सरकार की पहल पर आवास निर्माण का काम शुरू किया गया था लेकिन कुछ राज्य इसमें काफी पीछे हैं ।

इस विधेयक पर चर्चा के लिए कांग्रेस के सदस्य अनुमला आर रेड्डी ने पूछा कि इन कालोनियों में गरीब लोग रह रहे हैं तो उनसे शुल्क लेने की बात क्यों कही जा रही है और ऐसे सभी लोगों की संपत्तियों का निशुल्क पंजीकरण किया जाना चाहिए तथा इनमें स्कूल, अस्पताल, निकासी, पेयजल , समुदाय हाल जैसी सुविधाएं होनी चाहिए और केन्द्र सरकार काे इसके लिए विकास राशि रखनी है। उन्होंंने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि अाखिर दिल्ली के चुनावों से पहले ही केन्द्र सरकार को इन कालोनियाें काे नियमित करने की अब क्याें याद आई थी। केन्द्र सरकार ने बिहार चुनाव से पहले बिहार के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की थी लेकिन चुनाव बाद सब कुछ भुला दिया गया। इसी तरह आंध्र प्रदेश के लिए भी विशेष राज्य का दर्जा देने की बात कही गई थी लेकिन कुछ भी याद नहीं रहा। उन्होंने कहा कि जिन 66 कालोनियों कों इस विधेयक के दायरे से बाहर किया गया है उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए।

दक्षिण दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी सांसद रमेश विधूड़ी ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है और इससे राजधानी में पिछले 40 वर्षों से जो लोग तरस रहे थे उनका अपनी संपति पर मलिकाना अधिकार का सपना पूरा हो सकेगा।

विधूड़ी ने कहा कि दिल्ली की कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार इन लोगों के अधिकारों केे लिए जरा भी चिंतित नहीं रही। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली में ऐसी करीब 350 कॉलोनियां हैं जिनको नये कानून के बनने से फायदा होगा।


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