Top
Begin typing your search above and press return to search.

यूक्रेन पर भारत का अब तक का सबसे कड़ा बयान

यूक्रेन के शहर बुचा में सैकड़ों आम लोगों के मारे जाने पर भारत ने चिंता जताई है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

यूक्रेन पर भारत का अब तक का सबसे कड़ा बयान
X

भारत ने कहा है कि बुचा से आ रहीं आम नागरिकों की हत्याओं की खबरें परेशान करने वाली हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यूक्रेन मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में अब तक के अपने सबसे कड़े बयान में भारत के राजदूत टीएस त्रिमूर्ति ने कहा, "बुचा से हाल ही में आईं आम लोगों की हत्याओं की खबरें बेहद तकलीफदेह हैं. हम इन हत्याओं की बिना किसी लाग-लपेट के निंदा करते हैं और एक निष्पक्ष जांच का समर्थन करते हैं.” भारत ने एक बार फिर यूक्रेन में तुरंत हिंसा रोकने की अपनी अपील भी दोहराई.

यूक्रेन की राजधानी कीव के पास स्थित बुचा शहर से बीते सप्ताहांत पर ऐसी तस्वीरेंऔर वीडियो जारी हुए थे जिनमें सड़कों पर इधर-उधर बिखरे शवों को देखा जा सकता था. यूक्रेन का आरोप था कि शहर पर कब्जे के दौरान रूसी सैनिकों ने ये हत्याएं कीं. रूस इस आरोप को गलत बताता है और उसका कहना है कि यूक्रेन के उग्रवादी झूठा प्रचार कर रहे हैं.

पढ़ेंः भारत जो चाहे वो देंगे: रूसी विदेश मंत्री

भारत ने कहा कि यूक्रेन के हालात पर वह बेहद चिंतित है. त्रिमूर्ति ने कहा, "इस संकट के कारण विकासशील देशों में भोजन और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. जब मासूम जानों को खतरा हो तो कूटनीति ही एकमात्र विकल्प होना चाहिए.”

‘टैंकों के नीचे कुचले गए लोग'

बुचा के मेयर अनातोली फेदरूक का कहना है कि शहर में तीन सौ शव बरामद हुए हैं. एक अन्य अधिकारी के मुताबिक 410 लोगों की जानें गई हैं. इसी हफ्ते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुचा का दौरा किया था और उसके बाद रूस पर नरसंहार का आरोप लगाया था.

मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में एक उद्बोधन में जेलेंस्की ने कहा आम नागरिकों को टैंकों तले कुचला गया है. उन्होंने कहा, "लोगों को टैंकों के नीचे कुचला गया. महिलाओं के साथ उनके बच्चों के सामने बलात्कार हुआ. रूसी सेना ने बुचा में जो किया है वह वहशियाना है. यूएन के चार्टर का शब्दशः उल्लंघन हुआ है. बुचा का नरसंहार तो सिर्फ एक उदाहरण है.”

अपने देश में युद्ध शुरू होने के बाद जेलेंस्की ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया था. उन्होंने सदस्यों देशों को एक वीडियो दिखाने का भी अनुरोध किया जिसमें बुचा के अलावा अन्य शहरों की विचलित करतीं तस्वीरें देखी जा सकती थीं. इस वीडियों में सड़कों पर यहां-वहां पड़े शव और सामूहिक कब्रें दिखाई गईं.

‘फर्जी हैं तस्वीरें'

यूरोपीय देशों और अमेरिका ने बुचा में हत्याओं को भयानकबताते हुए रूस पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाया. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक ‘युद्ध अपराधी' बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि उन पर युद्ध अपराधों में मुकदमा चलना चाहिए.

उधर रूस इन आरोपों का खंडन करता है कि उसकी सेना ने आम नागरिकों पर हमला किया. रूसी प्रवक्ता दमित्री पेश्कोव ने यूक्रेन द्वारा दिखाई गईं तस्वीरों को फर्जी बताया. पेश्कोव ने कहा, "रक्षा मंत्रालय के हमारे विशेषज्ञों ने वीडियो के फर्जी होने के संकेत देखे हैं. हम आग्रह करते हैं कि दुनियाभर के नेता बिना सोचे समझे आरोप ना लगाएं और कम से कम हमारा तर्क सुनें.”

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि ये तस्वीरें बातचीत से ध्यान हटाने की कोशिश हैं. रूसी टेलीविजन पर प्रसारित एक संदेश में उन्होंने कहा, “एक सवाल पैदा होता हैः इस सरासर झूठे उकसावे से क्या मकसद हासिल हो रहा है? हमारे पास ऐसा मानने की वजह है कि जारी बातचीत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.” रूस और यूक्रेन के बीच तुर्की में शांति वार्ता चल रही है, जिसके मद्देनजर पिछले हफ्ते रूस ने अपनी सैन्य कार्रवाई में भारी कमी करने का ऐलान किया था.


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it