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ओडिशा पीएम सूर्य घर योजना को पीएमएवाई और अन्य हाउसिंग प्रोग्राम से जोड़ेगा

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने बुधवार को घोषणा की कि पीएम-सूर्या घर योजना को ओडिशा सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं (जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना - पीएमएवाई भी शामिल है) के साथ जोड़ा जाएगा। यह कदम राज्य का रिन्यूएबल एनर्जी और किफायती आवास पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत है

ओडिशा पीएम सूर्य घर योजना को पीएमएवाई और अन्य हाउसिंग प्रोग्राम से जोड़ेगा
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भुवनेश्वर। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने बुधवार को घोषणा की कि पीएम-सूर्या घर योजना को ओडिशा सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं (जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना - पीएमएवाई भी शामिल है) के साथ जोड़ा जाएगा। यह कदम राज्य का रिन्यूएबल एनर्जी और किफायती आवास पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत है।

उपमुख्यमंत्री ने बिजली सेक्टर में सुधार, सुरक्षा उपायों और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को लागू करने पर हुई एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में इस प्लान के बारे में बताया।

सिंह देव ने कहा, "यह लाभार्थी के लिए एक विकल्प होगा। हमारा मकसद यह पक्का करना है कि पीएमएवाई और दूसरी हाउसिंग योजनाओं के तहत हर लाभार्थी को सोलर पावर का भी फायदा मिले। पीएम-सूर्या घर को राज्य की हाउसिंग योजनाओं से जोड़कर, हम लोगों को 24x7 साफ और सस्ती बिजली देंगे और साथ ही उनके बिजली बिल भी कम करेंगे।"

एक सरकारी बयान में बताया गया कि इस योजना के तहत, शहरी इलाकों में 1 किलोवाट रूफटॉप सोलर लगाने के लिए केंद्र से 30,000 रुपए और राज्य से 25,000 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। लाभार्थी को 1 किलोवाट सोलर पैनल के लिए 1,875 रुपए देने होंगे। इसमें यह भी कहा गया कि उपमुख्यमंत्री ने डिस्कॉम को शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों की सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

हाई-लेवल मीटिंग में लिए गए अहम फैसलों में शामिल थे: सभी चार डिस्कॉम में ओवरहेड बिजली लाइनों को बदलने के लिए 3,708 करोड़ रुपए का अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट शुरू करना; ओडिशा के डिस्कॉम के लिए सुरक्षा पर एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना; नीचे लटक रहे तारों को हटाना; बिना इंसुलेशन वाले कंडक्टरों को इंसुलेटेड कंडक्टरों से बदलना; डिस्ट्रीब्यूशन सब-स्टेशनों पर फेंसिंग लगाना; पावर सब-स्टेशनों (पीएसएस) के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाना; एलटी लाइन की सुरक्षा के लिए क्रैडल और गार्ड वायर लगाना; और एलटी सुरक्षा के लिए एलटीडीबी के साथ-साथ यूटिलिटी शिफ्टिंग पोर्टल/ऐप विकसित करना।

उपमुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने (जिसमें पोल, वायरिंग और स्ट्रीटलाइट शामिल हैं) के लिए पीएम-एसजीएमबीवाई और यूएलए मॉडल के लागू होने की भी समीक्षा की। सिंह देव ने जोर दिया कि राज्य सरकार ओडिशा के हर घर तक सुरक्षित, भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया।

सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा देने के लिए ऊपर बताए गए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे।

मीटिंग में हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा, रूरल डेवलपमेंट, पंचायती राज और ड्रिंकिंग वॉटर मिनिस्टर रबी नारायण नाइक के साथ-साथ अन्य सीनियर अधिकारी भी शामिल हुए।


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