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ओडिशा : सरकारी जमीन पर धान की कटाई को लेकर दो गुटों में झड़प के बाद तनाव, बीएनएसएस की धारा 163 लागू

ओडिशा में केंद्रापाड़ा जिले के पेटचेला गांव में सरकारी जमीन पर धान की कटाई को लेकर दो गुटों में झड़प के बाद तनाव बना हुआ है

ओडिशा : सरकारी जमीन पर धान की कटाई को लेकर दो गुटों में झड़प के बाद तनाव, बीएनएसएस की धारा 163 लागू
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ओडिशा के सरकारी जमीन पर धान की कटाई को लेकर दो गुटों में झड़प , धारा 163 लागू

केंद्रापाड़ा। ओडिशा में केंद्रापाड़ा जिले के पेटचेला गांव में सरकारी जमीन पर धान की कटाई को लेकर दो गुटों में झड़प के बाद तनाव बना हुआ है।

केंद्रपाड़ा के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कृषि भूमि पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पेटचेला गांव के हाबू नंदा ने 24 एकड़ सरकारी जमीन ली थी। लगभग 20 किरायेदार कई सालों से उनकी अनुमति से उस जमीन पर धान की खेती कर रहे थे। कुछ दिन पहले उसने वह जमीन शिशिर कुमार राउत को सौंप दी और किरायेदारों को निर्देश दिया कि वे धान उन्हें दें। धान की कटाई के दौरान शिशिर राउत और उनके साथियों ने लंबे समय से खेती कर रहे किसानों के धान इकट्ठा करने का विरोध किया, जिससे 20 दिसंबर से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे पर दोनों गुटों के बीच मामूली झड़प भी हुई।

जांबू मरीन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया लेकिन तनाव बना रहा। पुलिस ने बाद में यह मामला एसडीएम अरुण कुमार नायक के संज्ञान में लाया, जिन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधाकर साहू ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की दो प्लाटून इलाके में तैनात की गई हैं। आगे तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है और दोनों पक्षों को उस जमीन में जाने से रोक दिया गया है।

महाकालपाड़ा तहसीलदार रबींद्रनाथ आचार्य ने कहा कि चूंकि यह जमीन राज्य सरकार की है इसलिए स्थानीय तहसील प्रशासन ने धान की कटाई की और उस पर कब्जा कर लिया।


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