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ओडिशा: भारत में अवैध रूप से घुसे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को दो साल की जेल

भुवनेश्वर की एक स्थानीय अदालत ने नौ बांग्लादेशी नागरिकों को बिना पासपोर्ट, वीजा या किसी अन्य वैध यात्रा दस्तावेज के भारत में प्रवेश करने के आरोप में दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

ओडिशा: भारत में अवैध रूप से घुसे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को दो साल की जेल
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भुवनेश्वर। भुवनेश्वर की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को नौ बांग्लादेशी नागरिकों को बिना पासपोर्ट, वीजा या किसी अन्य वैध यात्रा दस्तावेज के भारत में प्रवेश करने के आरोप में दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने दोषी अवैध प्रवासियों को 10,000 रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 8 मार्च, 2025 को विश्वसनीय सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक नाबालिग सहित दस बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था।

विशेष लोक अभियोजक आरआर ब्रह्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने टालमटोल भरे बयान दिए और छापेमारी दल की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। पूछे जाने पर वे पासपोर्ट, वीजा या कोई अन्य वैध यात्रा दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे बिना किसी वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य यात्रा दस्तावेज के, असम के जंगल क्षेत्र से होते हुए रात के समय गुप्त रूप से भारत आए थे।

बांग्लादेशी नागरिक बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के गुप्त रूप से भारत में प्रवेश कर गए थे और अपनी असली पहचान छुपाकर भुवनेश्वर में रहने लगे थे। इस मामले में एसटीएफ ने केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सफल जांच के बाद, पिछले साल 5 मई को आरोपियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 के तहत भारत के आव्रजन कानूनों के उल्लंघन के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों से पूछताछ की और 14 प्रासंगिक दस्तावेज पेश किए।

इस बीच, मामले में हिरासत में लिए गए नाबालिग को भुवनेश्वर के किशोर न्याय बोर्ड के आदेशानुसार बरहामपुर के एक सुधार गृह में भेज दिया गया।

गौरतलब है कि ओडिशा सरकार ने हाल ही में राज्य के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने की कार्रवाई तेज कर दी है।

दिसंबर 2025 में ओडिशा विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि जून 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे 51 बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है।


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