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भुवनेश्वर में फर्जी एनआईए अधिकारी गिरफ्तार, झूठे मामले को प्रभावित करने का आरोप

कमिश्नरेट पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने और एक महिला से झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रभावित करने का आरोप है

भुवनेश्वर में फर्जी एनआईए अधिकारी गिरफ्तार, झूठे मामले को प्रभावित करने का आरोप
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भुवनेश्वर। कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने और एक महिला से झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रभावित करने का आरोप है।

आरोपी की पहचान 45 वर्षीय आशीष रेड्डी के रूप में हुई है, जो दिल्ली के लाजपत नगर का रहने वाला है। वह खुद को एनआईए अधिकारी बताकर खारवेल नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच को प्रभावित कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने हाल ही में शिकायत दर्ज कराई थी कि अप्रैल में पुरी-कोणार्क रोड के पास एक वाहन में अज्ञात लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया।

हालांकि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी रेड्डी, जो पीड़िता को जानता था, खुद को एनआईए का वरिष्ठ अधिकारी बताकर जांच को प्रभावित कर रहा था।

उसने जांच अधिकारियों पर दबाव बनाया और शिकायत तैयार कराने में भी अहम भूमिका निभाई। एनआईए से सत्यापन करने पर पुष्टि हुई कि आशीष रेड्डी एजेंसी से जुड़ा नहीं है और फर्जी पहचान के आधार पर खुद को अधिकारी बता रहा था।

आगे की जांच में पीड़िता ने भी स्वीकार किया कि पहले लगाए गए अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे थे।

उसने पुलिस को बताया कि यह शिकायत एक व्यक्तिगत विवाद के बाद आरोपी के प्रभाव में आकर लिखी गई थी।

पुलिस को यह भी पता चला कि रेड्डी ने महिला से मदद करने के बहाने संपर्क बनाया और बाद में उसका यौन शोषण किया।

उसने कथित तौर पर एक झूठी एफआईआर भी तैयार की, जिसे पहले इंफोसिटी थाने में जमा किया गया था और बाद में खारवेल नगर थाने को भेजा गया।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक फर्जी एनआईए पहचान पत्र, एनआईए लोगो वाली टी-शर्ट, एक वाहन, मोबाइल फोन और हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया है।

आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच जारी है।


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