उद्धव ठाकरे ने चक्रवाती तूफान की स्थिति का लिया जायजा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई और ठाणे से उत्तर की ओर खिसकते चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन को परिचालन तत्परता बनाए

मुंबई । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई और ठाणे से उत्तर की ओर खिसकते चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन को परिचालन तत्परता बनाए रखने और तत्काल बचाव कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार तटीय जिलों के कलेक्टरों के संपर्क में हैं और नियमित अंतराल में चक्रवाती तूफान की रिपोर्ट के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र वैश्विक महमारी कोरोना वारयस से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और अब चक्रवाती तूफान के संकट को टालने के लिए प्रशासनिक संसाधनों का पूरा उपयोग कर रहा है। चक्रवाती तूफान मुंबई और ठाणे के तटों से टकराया है।
महाराष्ट्र मछुआरा एसोसिएशन अध्यक्ष दामोदर तंडेल ने कहा कि पूरे तटीय क्षेत्र के कई मछली पकड़ने वाले गांवों को तूफान के कारण भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा नवीनतम सूचना के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हमारी मछली पकड़ने की अधिकांश नावें सुरक्षित हैं लेकिन चक्रवाती तूफान के गुजरने के बाद असल नुकसान को पता चल पाएगा। अभी तक किसी के हताहत और मछुआरों के लापता की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे की लम्बी दूरी की चलने वाली ट्रेनों के समय में पुनर्निधारित किया गया है जबकि घरेलू उड़ानों के 50 विमानों के परिचालन में से 19 उड़ानों का परिचालन होगा।
भारतीय मौसम विभाग ने रायगढ, मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक, धुले और नंदुरबार को रेड अलर्ट पर रखा है। ये इलाके चक्रवाती तूफान निसर्ग के मार्ग में पड़ते हैं।
मुंबई और ठाणे में रात भर हुई बारिश के कारण कई निचले इलाकों और तटीय इलाकों के अलावा अन्य जिलों में जलभराव हो गया।
हवाई अड्डा सूत्रों के अनुसार एयर इंडिया, एयर एशिया, इंडिगो, गोएयर तथा स्पाइस जेट के विमानों का परिचालन होगा, लेकिन अंतिम समय में विमान के परिचालन समयसारणी में बदलाव हो सकता है। मुंबई में निषेधाज्ञा आदेश जारी कर दिये गये हैं और मुंबई पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हुई है, कि कोई भी व्यक्ति समुद्र की ओर अथवा खुले स्थानों की तरफ नहीं जाए।
तूफान को देखते हुए कच्चे घरों में रहने वाले लगभग दो हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है, जबकि निचले क्षेत्रों के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले करीब दो हजार लोगों को इन्हें खाली कर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।


