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केरल में "मदद" को लेकर छिड़ा घमासान

 केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर बवाल मचा हुआ है

केरल में मदद को लेकर छिड़ा घमासान
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नई दिल्ली। केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर बवाल मचा हुआ है। जहां एक तरफ तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार पर विदेशी मदद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं तो वहीं अब बीजेपी ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यूएई की मदद की पेशकश ना करने का दावा किया है। केरल बीजेपी इकाई का कहना है कि सरकार को केवल बदनाम किया जा रहा है।

विपक्ष ने यह आरोप लगाया था कि केंन्द्र केरल के लिए चिन्ता नहीं करती क्योंकि केन्द्र ने सिर्फ 500 करोड़ देने का एलान किया जबकि यूएई ने 700 करोड़ देने की बात कही। अब एसा प्रतीत हो रहा है कि इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है।

सदी की सबसे भयानक बाढ़ का सामना करने वाले केरल में लोगों की जिंदगी पर संकट गहराया रहा है। प्रशासन के सामने फिर से राज्य को बसाने की चुनौती है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि इस त्रासदी से जनता को कैसे उबारा जाए। लेकिन इस विकट स्थिति पर भी राजनेताओं को सियासत सूझ रही है।

जीहां यूएई की 700 करोड़ की मदद को लेकर बैकफुट पर आई बीजेपी एक रिपोर्ट का हवाला देकर फ्रंटफुट पर आने की कोशिशों में लगी है। केरल बीजेपी इकाई का कहना है कि यूएई ने मदद की पेशकश ही नहीं की। सरकार को केवल बदनाम किया जा रहा है।

दरअसल एक अंग्रेजी अखबार में यूएई के राजदूत अहमद अलबन्ना का इंटरव्यू छपा है। जिसमें उन्होंने कहा कि केरल बाढ़ के बाद चल रहे रिलीफ ऑपरेशन का आकलन किया जा रहा है, ऐसे में बताई जा रही राशि को 'फाइनल' नहीं कहा जा सकता है।

अब इस सैलाब के सितम पर सियासी उफान तेज हो गया है। सवाल यह है कि क्या यूएई अपने किए वादे से पलट रहा है या फिर यह एक सियासी ड्रामा है?


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