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शिव-पार्वती विवाह में बाराती बने श्रद्धालु

श्रीराम-जानकी मंदिर प्रांगण में चल रहे शिव पुराण कथा ज्ञान यज्ञ में मंगलवार को पार्वती जन्म, मदन दहन और शिव-पार्वती विवाह का मधुर प्रसंग आया

शिव-पार्वती विवाह में बाराती बने श्रद्धालु
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श्रीराम-जानकी मंदिर प्रांगण में शिव पुराण कथा ज्ञान यज्ञ

महासमुंद। श्रीराम-जानकी मंदिर प्रांगण में चल रहे शिव पुराण कथा ज्ञान यज्ञ में मंगलवार को पार्वती जन्म, मदन दहन और शिव-पार्वती विवाह का मधुर प्रसंग आया। सुमधुर संगीतमय गीतों-भजनों की अनुगूंज के साथ श्रोता-श्रद्धालु शिव-पार्वती विवाह के साक्षी बने।

कुछ घराती बने, कुछ बाराती बने और कथा प्रसंग का आनंद लिया। प्रवचनकर्ता पं. नारायण दास वैष्णव ने बताया कि माता पार्वती का जन्म किस प्रारब्ध से हुआ और माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए किस प्रकार से कठिन तप किया और सिद्ध किया कि वे ही शिव जी की अर्धांगिनी बनने के योग्य हैं तथा शिव के अलावा उन्हें और कुछ स्वीकार नहीं।

शिव-पार्वती की जोड़ी विश्व के कल्याण के लिए बनी, आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए बनी। 18 मई से प्रारंभ शिव पुराण कथा का समापन 26 मई को होगा। बुधवार को कार्तिकेय जन्म, गणेश जन्म और त्रिपुर दहन की कथा होगी।

कथा प्रवचन प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 7 बजे तक चल रहा है, जिसका श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शिव पुराण का आयोजन पुरानी बस्ती महासमुंद निवासी सुलेना देवी चंद्राकर, शकुन देवी चंद्राकर, रूपनारायण चंद्राकर व मोतिम चंद्राकर एवं परिवार द्वारा पूर्वजों की स्मृति में किया गया है।


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