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कोरोना संकट के बीच तूफान निसर्ग के मद्देनजर गुजरात में 50 हजार से अधिक का स्थानांतरण

गुजरात में निसर्ग तूफान के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समुद्र तटीय क्षेत्रों से 50 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण किया है।

कोरोना संकट के बीच तूफान निसर्ग के मद्देनजर गुजरात में 50 हजार से अधिक का स्थानांतरण
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गांधीनगर। कोरोना का हॉटस्पॉट बने गुजरात में निसर्ग तूफान के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समुद्र तटीय क्षेत्रों से 50 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण किया है।

इसके अलावा राज्य सरकार ने कई और एहतियाती कदम उठाये हैं।

मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार अरब सागर में गंभीर किस्म के तूफान में तब्दील हो चुके निसर्ग के उत्तर महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के अलीबाग के आसपास से आज दोपहर गुजरने की संभावना है। इसका असर सीमावर्ती दक्षिण गुजरात में भी होने के मद्देनजर राज्य सरकार ने व्यापक एहतियाती उपाय किये हैं।

राज्य सरकार के राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने आज बताया कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है। विशेष रूप से दक्षिण गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों में खासा एहतियात बरता जा रहा है। तूफान के असर से इन जिलों के तटीय विस्तारों में 110 किमी प्रति घंटे तक की गति से और भरूच और आसपास में 80 किमी प्रतिघंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा की भी संभावना है। दक्षिण गुजरात में तटीय इलाकों से 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है और इस दौरान तथा बनाये गये आश्रय स्थलों पर कोरोना संबंधी दिशा निर्देशों का भी पूरी तरह पालन किया जा रहा है।

श्री कुमार ने कहा कि इन इलाकों में अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों को कोई तकलीफ न हो इसके लिए तूफान के असर के बावजूद अस्पतालों में बिजली की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किये गये हैं। राहत एवं बचाव के लिए तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 15 तथा एसडीआरएनऊ की छह टीमें तैनात की गयी हैं। तेज हवा की आशंका के चलते वापी तथा सूरत के केमिकल उद्योगों ने भी विशेष एहतियाती उपाय किये हैं। इसके तहत वापी में अधिकतर ऐसे उद्योगों को आज बंद रखने का सुझाव प्रशासन ने दिया है।

उन्होंने बताया कि झींगा मछली के कारोबार वाले फार्म तथा नमक उत्पादन से जुड़े श्रमिकों को भी तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

श्री कुमार ने बताया कि सूरत, वलसाड तथा अन्य शहरों में एहतियाती तौर पर 230 से अधिक विशालकाय होर्डिंग्स और 120 हाइ मास्ट लाइट को नीचे उतार लिया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सभी संबंधित विभाग इन इलाकों में जिला तथा तालुका स्तरीय प्रशासन तंत्र के साथ सीधे संपर्क में हैं। इन इलाकों से 250 से अधिक गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहां करीब 170 आपात चिकित्सा दल तथा 250 से अधिक एंबुलेंस तैयार हैं।

ज्ञातव्य है कि गुजरात में अब तक कोरोना संक्रमण के 17600 से अधिक मामले सामने आये हैं तथा करीब 11 मौतें हो चुकी हैं। हालांकि गनीमत यह है कि सर्वाधिक प्रभावित अहमदाबाद शहर, जहां 12700 से अधिक मामले तथा 888 मौतें हुई हैं, तूफान का कोई असर नहीं पड़ने वाला है।


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