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वाहनों की संख्या के अनुसार चलेगा ट्रैफिक सिग्नल

प्राधिकरण रियल टाइम ट्रैफिक सिग्नलिंग सिस्टम पर कार्य कर रहा है

वाहनों की संख्या के अनुसार चलेगा ट्रैफिक सिग्नल
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नोएडा। प्राधिकरण रियल टाइम ट्रैफिक सिग्नलिंग सिस्टम पर कार्य कर रहा है। इससे शहर के यातायात को नियंत्रित किया जा सकेगा। शहर में महत्वपूर्ण समस्या यहा सिग्नलों के समय को लेकर ही है। लिहाजा एक ऐसी व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। जिसके जरिए दूर से आते वाहनों को उनकी संख्या के अनुसार व्हकील डिटेक्टर द्वारा पहचान जाएगा साथ ही जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिक सिग्नल हरा हो जाएगा। ऐसे में वाहन चालकों को बेवजह सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा।

यदि रेड लाइट है बावजूद वाहन सिग्नल तोड़ रहे है ऐसे में डिटेक्शन सेंसर व सीसीटीवी से तीन सेकंड का विडियों भी जनरेट होगा। इस विडियों के जरिए चालान सीधे वाहन चालक के घर पहुंचा दिया जाएगा।

वर्तमान में शहर की आबादी 16 लाख है। मास्टर प्लान 2030 तक यहा की आबादी करीब 30 लाख होगी। शहर में प्रतिदिन 5 लाख से ज्यादा लोग वाहनों से नौकरी व व्यपार के सिलसिले में यहा आते है। पीक ओवर में शहर की मुख्य सड़कों पर चालकों को जाम का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए ही प्राधिकरण द्वारा यातायात पर सर्वे किया गया।

सर्वा रिपोर्ट के बाद तय किया गया कि यहा सिग्नलिंग सिस्टम को बेहतर किया जाए। ऐसे में रियल टाइम सिग्नलिंग सिस्टम पर कार्य किया जा रहा है। तकनीक लागू होने से लेकर इस पर कार्य करने के लिए एक कंपनी को चुना जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण जल्द ही यातायात विभाग, पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर निविदा की प्रक्रिया करेगा।

अधिकारियों के मुताबिक सिग्नल सिस्टम दो तरह से एडवांस तकनीक पर आधारित होगा। पहला रेड लाइट स्टॉप लाइन डिटेक्शन सिस्टम जिसमे डिटेक्श्न सेंसर, विडियो कैमरा, एएनपीआर कैमरार, कंट्रोल इलेक्ट्रानिक्स कम्यूनिकेशन सिस्टम नेटवर्क, सेंट्रल सर्वर सिस्टम लगा होगा। इसका कार्य यातायात नियम को तोड़ने वाले वाहन चालकों पर निगरानी रखना उसका चालान करना साथ ही यह जानकारी मुख्य सर्वर कंट्रोल रूम में देना।

तकनीक के जरिए तीन सेंकेंड का एक विडियों भी बनेगा। यही नहीं इस तकनीक के जरिए मास्टर कंट्रोल रूम से मोबाइल व सीधे बटन के जरिए यातायात को नियंत्रित किया जा सकेगा।

दूसरी तकनीक रियल टाइम ट्रैफिक सिस्टम पर आधारित होगी। जिसमे रेड लाइट वाहनों के अनुसार स्वाचालित ही हरी व लाल होगी। इसके लिए रेड लाइट में मास्टर चिप के साथ व्हकिल डिटेक्टर सिग्नल लगाया जाएगा। इन दोनों सिस्टम के साथ शहर के यातायात को नियंत्रित किया जा सकेगा। जाम से निजात मिलेगा साथ ही सिग्नल पर बेवजह जाम नहीं लगेगा।



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