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ललित सुरजन की कलम से - धर्म: पुल या खाई - 2
विश्व इतिहास की यदि थोड़ी भी समझ हम विकसित कर लें तो समझ सकते हैं कि पूंजीवादी लुटेरों के गिरोह किस तरह संगठित धर्म का सहारा लेकर समाज को तोड़ते रहे...

