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पेरिन दाजी को एक अलग अंदाज में किया गया याद
इंदौर । "सर, संसद बेलगाम न हो जाए, इसके लिए मैंने उनकी लगाम छोड़ दी है।" यह सुनते ही नेहरूजी ठहाका मारकर हँसे और मेरी पीठ थपथपाकर अपने...

इंदौर । "सर, संसद बेलगाम न हो जाए, इसके लिए मैंने उनकी लगाम छोड़ दी है।" यह सुनते ही नेहरूजी ठहाका मारकर हँसे और मेरी पीठ थपथपाकर अपने...