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शीर्ष भारतीय एथलीट पर डोपिंग के संदेह में लगा अस्थायी प्रतिबंध

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने बुधवार को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के संदेह में देश के एक शीर्ष एथलीट पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है

शीर्ष भारतीय एथलीट पर डोपिंग के संदेह में लगा अस्थायी प्रतिबंध
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने बुधवार को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के संदेह में देश के एक शीर्ष एथलीट पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। इंचियोन में हुए एशियाई खेलों-2014 और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों भारतीय दल का हिस्सा रहे एथलीट पर प्रतिबंधित दवा 'मेल्डोनियम' के सेवन का आरोप है।

एक समाचार चैनल से बात करते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने बताया कि एथलीट पर सोमवार से अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने एथलीट के नाम का खुलासा करने से मना कर दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि पटियाला के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में एथलीट के छात्रावास के कमरे से प्रतिबंधित मेल्डोयिम से भरे 20 सिरिंज बरामद किए गए।

अग्रवाल के अनुसार, नाडा ने भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआई) को आदेश दिए हैं कि वह एथलीट को एनआईएस के तहत राष्ट्रीय शिविर से जाने का आदेश दे और वह अपनी बेगुनाही साबित किए बगैर वापसी नहीं कर सकता।

नाडा अधिकारियों की एक टीम ने एनआईएस में पिछले माह अचानक छापामारी की थी। नाडा को सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय शिविर में कुछ एथलीट प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रहे हैं।

एनआईएस के होस्टल में यह छापामारी तब की गई, जब एथलीट अभ्यास सत्र के लिए बाहर थे।

मेल्डोनियम के सेवन से ऑक्सिजन अवशोषित होता है और उससे शरीर की क्षमता बढ़ती है। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने सितम्बर, 2015 में 'मेल्डोनियम' को पहली जनवरी, 2016 से प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की थी।

उल्लेखनीय है कि रूस की स्टार टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा पर भी के इस्तेमाल के लिए प्रतिबंध लगाया गया था।

इस मामले में शारापोवा पर प्राथमिक रूप से दो साल का प्रतिबंध लगा था, जिसकी अवधि बाद में घटाकर 15 माह कर दी गई थी।


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