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दो घुसपैठिया प्रजातियों से दुनिया को हो चुका 16 अरब डॉलर का नुकसान

एक अध्ययन के मुताबिक दो घुसपैठिया प्रजातियों ने दुनिया को अनुमानित 16 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया.

दो घुसपैठिया प्रजातियों से दुनिया को हो चुका 16 अरब डॉलर का नुकसान
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भूरा और हरा मेंढक, जिसे लिथोबेट्स केटेस्बियनस के नाम से जाना जाता है, इसका वजन करीब 900 ग्राम से थोड़ा अधिक होता है. साइंटिफिक रिपोर्ट में प्रकाशित शोध के मुताबिक अमेरिकी बुलफ्रॉग से सबसे ज्यादा यूरोप प्रभावित है.

शोधकर्ता इस्माइल सोटो कहते हैं कि ब्राउन ट्री स्नेक या बोइगा प्रशांत द्वीपों समेत गुआम और मारियाना द्वीप पर अनियंत्रित रूप से कई गुणा हो गए हैं. सांप की इस प्रजाति को द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी सैनिकों द्वारा पेश किया गया था. उन्होंने कहा कि कभी-कभी सांप इतनी भारी संख्या में होते हैं कि उनके बिजली के उपकरणों पर रेंगने से बिजली की सप्लाई ठप हो जाती है.

चेक गणराज्य में दक्षिण बोहेमिया विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र और शोध के मुख्य शोधकर्ता सोटो कहते हैं कि रिपोर्ट घुसपैठिया प्रजातियों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए निवेश की जरूरत का संकेत देती है.

सोटो कहते हैं, "आजकल, पालतू जानवरों का व्यापार इन प्रजातियां के लिए मुख्य मार्ग है, खासकर अब जबकि हर कोई सबसे अधिक विदेशी सांप चाहता है. हम लगातार प्रतिबंधित प्रजातियों के व्यापार के लिए ब्लैक लिस्ट को अपडेट करने का प्रस्ताव देते हैं."

शोध में जो नुकसान का अनुमानित आंकड़ा बताया गया है वह घुसपैठिए प्रजातियों से जुड़े शोध और पीयर रिव्यू लिट्रेचर से प्राप्त किया गया या फिर उच्च विश्वसनीयता वाले अध्ययन से हासिल किया गया है.

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शोधकर्ताओं का कहना है कि घुसपैठिए प्रजाति के जीव न सिर्फ नई-नई बीमारियां फैलाते हैं बल्कि वह समय के साथ खेत और जंगल को भी नुकसान पहुंचाते हैं.


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