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10 सांसदों के समर्थन से पन्नीरसेल्वम खेमा हुआ मजबूत

चेन्नई ! तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की महासचिव वीके शशिकला के खिलाफ विद्रोह करने वाले राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री आे पन्नीरसेल्वम

10 सांसदों के समर्थन से पन्नीरसेल्वम खेमा हुआ मजबूत
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चेन्नई ! तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की महासचिव वीके शशिकला के खिलाफ विद्रोह करने वाले राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री आे पन्नीरसेल्वम के समर्थन में आज पार्टी के पांच अौर सांसद आ गये। श्री पन्नीरसेल्वम को समर्थन करने वाले कुल सांसदो की संख्या अब दस हो गयी है। इससे पहले कल चार सांसदों तथा तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री मा फोई पंडियाराजन ने श्री पनीरसेल्वम का समर्थन किया था। अन्नाद्रमुक के चार लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद ने श्रीमती शशिकला के खिलाफ बगावत करके आज ओ पनीरसेल्वम से मुलाकात की और उनके प्रति अपना समर्थन जताया है। श्री पनीरसेल्वम को समर्थन देने वाले पांच सांसदों में राज्यसभा के डॉ आर लक्ष्मणन के अलावा लोकसभा सांसद जयसिंह त्यागराज नट्टरजी(तूतुकुडी), सेंगुत्तुवन (वेल्लाेर), आर पी मरुथराजा(पेरमबलुर) और एस राजेंद्रन(विल्लुप्पुरम) शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद श्री पनीरसेल्वम को समर्थन देने वालों की सांसदाें की संख्या 10 हो गयी है जिनमें दो राज्यसभा सांसद हैं जिससे श्रीमती शशिकला के लिए मुश्किलें बढ़ गयी हैं। श्रीमती शशिकला ने कानून मंत्री सी वे शनमुघम को डॉ लक्ष्मणन के स्थान पर नियुक्त किया है। डॉ़ लक्ष्मणन और राजेन्द्रन ने शहर में ओपीएस के निवास के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि श्री पनीरसेल्वम को लोगों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने और सांसदों के श्री पनीरसेल्वम को समर्थन देने की उम्मीद जताई है। सांसदों के अलावा अन्नाद्रमुक के स्टार प्रचारक रामराजन तथा त्रिचेंदूर से पूर्व सांसद, इरोड की पूर्व महापौर मल्लिका,पूर्व मत्स्य मंत्री के ए जयपाल तथा पूर्व खादी मंत्री पूनाची ने श्री पनीरसेल्वम का समर्थन किया है। अन्नाद्रमुक के स्टार प्रचारक श्री रामराजन ने श्री पनीरसेल्वम के आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि उनका तथा यहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं का कार्यवाहक मुख्यमंत्री को समर्थन है।

गौरतलब है कि कृष्णागिरि से सांसद के अशोक कुमार, नमक्कल से सांसद पी आर सुंदरम, त्रिप्पुर से सांसद वी सत्यभामा, तिरुवन्नामलई से आर वनोरजा ने कल श्री पनीरसेल्वम को समर्थन दिया था।
इसके अलावा राज्य सभा के सांसद वी मेत्रेयन, पूर्व मंत्रियों तथा पार्टी के कद्दावर नेताओं के पी मुनुस्वामी, नाथन आर विश्वनाथन तथा एस पी षणमुगनाथन और वरिष्ठ नेता ई मधुसूदन तथा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी एच पांडियन समेत कई नेताओं ने श्री पनीरसेल्वम को समर्थन दिया है।

सरकार का गठन मेरे नेतृत्व में ही होगा

विधायकों को संबोधित करते हुये श्रीमती शशिकला भावुक हो गयी। उन्होंने कहा, “ विपक्षी खेमा राज्य में अन्नाद्रमुक की सरकार को गिराने में लगा हुआ है लेकिन इसमें कोई सफल नहीं होगा और मैं अपना फैसला वापस नहीं लूंगी। नयी सरकार का गठन मेरे नेतृत्व में ही होगा।”

उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर राज्य में पार्टी की सरकार का गठन करेंगी। इसके लिये चाहे उन्हें अपनी जान क्यों ना देनी पड़े। श्रीमती शशिकला ने कहा, “ अन्नाद्रमुक की सरकार को कोई हिला नहीं सकता । मैं किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूँ और जो भी निर्णय करना होगा उचित समय पर किया जायेगा।”

श्रीमती शशिकला ने यह भी कहा कि राज्य विधानसभा में सुश्री जयललिता की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने विधायकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि यह काम उनके समर्थन से जल्द पूरा हो।

श्रीमती शशिकला खेमे के तमिलनाडु के हैंडलूम एवं कपड़ा मंत्री आ एस मणियन ने आज कहा कि उनकों 127 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और श्रीमती शशिकला को निश्चित रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी जायेगी।
श्री मणियन ने कहा,“ हमारे पास 127 विधायक हैं जबकि सरकार बनाने के लिए 135 विधायकों की आवश्यकता है। मुझे यह समझ में आ रहा है कि मात्र आठ विधायकों के समर्थन से कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम विधानसभा में बहुत साबित करने का दावा कैसे कर सकते हैं। अन्नाद्रमुक का सरकार नहीं बनाने का प्रश्न ही नहीं उठता। हमारे पास 127 विधायकों का समर्थन है। आशा है राज्यपाल सी विद्यासागर राव हमें शीघ्र ही सरकार बनाने का बुलावा भेजेंगे।”
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मणयम स्वामी ने आज कहा कि राज्यपाल को राज्य के मुख्यमंत्री के बारे मेें कल तक फैसला कर लेना चाहिये अन्यथा विधायकों की खरीद फरोख्त के उकसावा देने से संबंधित एक रिट याचिका संविधान के अनुछेद 32 के तहत दायर की जा सकती है।
श्री स्वामी इससे पहले श्रीमती शशिकला को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर चुके है। उन्होंने कहा कि श्रीमती शशिकला काे राज्य के ज्यादातर विधायकों का समर्थन प्राप्त है ऐसे में राज्यपाल को उन्हें शपथ ग्रहण का बुलावा देना चाहिये।


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