Top
Begin typing your search above and press return to search.

जनता ने मन बना लिया है, फिर साइकिल वाला ही चुनाव जीतेगा

सुल्तानपुर (उप्र) ! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए सुल्तानपुर में कहा कि जनता ने मन

जनता ने मन बना लिया है, फिर साइकिल वाला ही चुनाव जीतेगा
X

गरीबों को सताकर चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना मोदी सरकार का मकासद

नोटबंदी से न जाने कितनों की जान चली गई ,'बताओ अच्छे दिन कहां हैं?'

"हमने शहर में मेट्रो चलाई अब नौकरी भी देंगे

सुल्तानपुर (उप्र) ! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए सुल्तानपुर में कहा कि जनता ने मन बना लिया है कि इस बार फिर साइकिल वाला ही चुनाव जीतेगा।

घोषणापत्र को लेकर अखिलेश ने कहा, "हमने नेताजी के आशीर्वाद से उन्हीं का घोषणापत्र जारी किया है।"

उन्होंने कहा, "मैं सबसे निवेदन और अपील करने आया हूं कि जो हमने पिछले चुनावों में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया है।" हमारी करनी और कथनी में भेद नहीं है। हमने काम को जमीन पर उतारने का काम किया है।

रैली में अपने घोषणापत्र के बारे में बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "आने वाले दिनों में हम समाजवादी स्मार्टफोन देंगे। एक करोड़ 40 लाख लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन किया है। अगर सपा सरकार बनती है तो 30 महीने में सड़क बनाकर तैयार कर देंगे। मंडी से किसानों को फायदा मिलेगा।"

उन्होंने कहा, "हमने शहर में मेट्रो चलाई है। अब नौकरी भी देंगे। अब कोई ये नहीं कह सकता कि 15 मिनट में एंबुलेंस नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा कि हमने बिजली पानी का इंतजाम किया है। गांवों में अभी 16-18 घंटे बिजली दी जा रही है। आने वाले समय में गांवों में 24 घंटे बिजली दिए जाने का काम करेंगे।"

वहीं भाजपा और केंद्र सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि एक नारा दिया गया था, अच्छे दिन का और लोगों ने भरोसा कर लिया। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से पूछा, "बताओ अच्छे दिन कहां हैं?"

अखिलेश ने कहा, "जब इनका (केंद्र) का बजट आएगा तो उसमें भी सपा के कई कामों की नकल होगी।"

नोटबंदी पर अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी से न जाने कितनों की जान चली गई। जिन्होंने ईमानदारी से पैसा कमाया था, उसे भी कालाधन बता दिया गया। नोटबंदी के बाद बैंकों में लगी लाइन में कोई बड़ा आदमी खड़ा नहीं दिखाई दिया। कमजोर और गरीबों को बेवजह परेशान किया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के पास गरीबों की भलाई के लिए कोई योजना नहीं है। सिर्फ बातें हैं, वादे हैं, जुमले हैं और गरीबों को सताकर फायदा चंद उद्योगपतियों को पहुंचाना इनका मकासद है।

पहली चुनावी रैली में अखिलेश ने बसपा मुखिया मायावती और पत्थर के हाथियों के बारे में कुछ नहीं कहा।

गौरतलब है कि 2012 के विधानसभा चुनाव में भी अखिलेश ने सुल्तानपुर से ही अपना प्रचार अभियान शुरू किया था।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it